पाकिस्तान के लाहौर किले में ऐतिहासिक लौह मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा होकर अब आम जनता के लिए खुल गया है। यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है। WCLA ने सिख युग के हम्माम और अठदारा पैविलियन के साथ इसे आधुनिक तकनीकों से संरक्षित किया है, जिससे किले की बहुसांस्कृतिक विरासत उजागर होती है।
पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित लाहौर किले के ऐतिहासिक लौह मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा कर दिया गया है और अब यह आम जनता के लिए खोल दिया गया है। यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शहर लाहौर का नाम भी लव से ही पड़ा है। मामले में वाल्ड सिटी लाहौर अथॉरिटी (डब्ल्यूसीएलए) ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने लौह मंदिर के साथ-साथ सिख युग के हम्माम और महाराजा रणजीत सिंह का अठदारा पैविलियन का भी संरक्षण किया है।
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लाहौर किला सिख इतिहास के लिए महत्वपूर्ण
डॉ. बुतालिया ने कहा कि लाहौर किला सिख इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। यह करीब आधी सदी तक सिख साम्राज्य की सत्ता का केंद्र रहा। मेरे लिए यह किला खास है क्योंकि मेरे पूर्वज सिख दरबार में उच्च पदों पर थे, जैसा कि उमदत-उत-तवारीख नामक फारसी अभिलेख में दर्ज है। इस पहल से लाहौर किले की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और लोगों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
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