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Pakistan: लाहौर किले में लौह मंदिर का हुआ जीर्णोद्धार, आम लोगों के लिए खुला; भगवान राम से सीधा कनेक्शन; कैसे?

Tue, 27 Jan 2026 05:57 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर

सार

पाकिस्तान के लाहौर किले में ऐतिहासिक लौह मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा होकर अब आम जनता के लिए खुल गया है। यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है। WCLA ने सिख युग के हम्माम और अठदारा पैविलियन के साथ इसे आधुनिक तकनीकों से संरक्षित किया है, जिससे किले की बहुसांस्कृतिक विरासत उजागर होती है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Google Gemini
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विस्तार
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पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित लाहौर किले के ऐतिहासिक लौह मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा कर दिया गया है और अब यह आम जनता के लिए खोल दिया गया है। यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शहर लाहौर का नाम भी लव से ही पड़ा है। मामले में वाल्ड सिटी लाहौर अथॉरिटी (डब्ल्यूसीएलए) ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने लौह मंदिर के साथ-साथ सिख युग के हम्माम और महाराजा रणजीत सिंह का अठदारा पैविलियन का भी संरक्षण किया है।

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इस परियोजना में अगा खान कल्चरल सर्विस पाकिस्तान के सहयोग से काम किया गया। लौह मंदिर में एक खुला आकाश वाला क्षेत्र और स्मारक स्थल शामिल है। मामले में डब्ल्यूसीएलए की प्रवक्ता तानिया कुरेशी ने कहा कि यह पुनःस्थापना पहल लाहौर किले की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के लिए की गई है, जिसमें सिख और हिंदू मंदिर, मुगल मस्जिदें और ब्रिटिश कालीन संरचनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि संरक्षण प्रक्रिया में कई आधुनिक तकनीकें अपनाई गईं।

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100 स्मारकों की की गई थी पहचान
बता दें कि पिछले साल एक सिख शोधकर्ता ने लाहौर किले में सिख काल (1799-1849) के दौरान बनाए गए लगभग 100 स्मारकों की पहचान की थी। इनमें से लगभग 30 स्मारक अब अस्तित्व में नहीं हैं। लाहौर किले और इसके ऐतिहासिक महत्व को बेहतर समझाने के लिए डब्ल्यूसीएलए ने डॉ. तरुनजीत सिंह बुतालिया, जो अमेरिका में आधारित सिख शोधकर्ता हैं, को एक टूर गाइडबुक लिखने के लिए नियुक्त किया- सिख साम्राज्य के दौरान लाहौर किला।

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लाहौर किला सिख इतिहास के लिए महत्वपूर्ण

डॉ. बुतालिया ने कहा कि लाहौर किला सिख इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। यह करीब आधी सदी तक सिख साम्राज्य की सत्ता का केंद्र रहा। मेरे लिए यह किला खास है क्योंकि मेरे पूर्वज सिख दरबार में उच्च पदों पर थे, जैसा कि उमदत-उत-तवारीख नामक फारसी अभिलेख में दर्ज है। इस पहल से लाहौर किले की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और लोगों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।

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