पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने आठ फरवरी को काला दिवस मनाने का फैसला किया। पिछले साल पाकिस्तान में धांधली के आरोपों और इंटरनेट सेवा के बंद होने के बीच आठ फरवरी को 12वां राष्ट्रीय आम चुनाव हुआ था। चुनाव नतीजों में पीटीआई का दबदबा रहा, पार्टी के अधिकांश उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। हालांकि, पार्टी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वक्कास अकरम ने एक बयान जारी कर घोषणा की कि चुनाव की पहली बरसी को काला दिवस के रूप में मनाने की तैयारी शरू कर दी है।
काला दिवस मनाएगा पीटीआई
शेख वक्कास अकरम ने कहा, "नेशनल असेंबली (एमएनए) के सभी सदस्यों और प्रांतीय असेंबली (एमपीए) के सदस्यों को सत्ता हथियाने वालों को कड़ा संदेश देने के लिए पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में बड़े प्रदर्शन करने की तैयारी करने के लिए कहा गया।" उन्होंने बताया कि शहबाज शरीफ को उसी दिन पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनाया गया था जब अदालत उन्हें और उनके बेटे को भ्रष्टाचार के मामलों में सजा सुनाने वाली थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ की घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए सौदे को आसान बनाया।
अल कादीर ट्रस्ट केस पर दी प्रतिक्रिया
अल कादीर ट्रस्ट केस को लेकर शेख वक्कास अकरम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पीटीआई के संस्थापक इमरान खान को अदालत में राजनीति से प्रेरित मामलों का सामना करना पड़ रहा है।" उन्होंने उम्मीद जताई की मामले का नतीजा अलग नहीं होगा। इससे पहले 15 जनवरी को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक को किसी सौदे की पेशकश नहीं की गई है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि सरकार अभी तक इमरान खान के साथ कोई डील नहीं कर पाई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर पीटीआई सार्थक बातचीत चाहती है तो उसे अपना दिखावा बंद करना होगा।