पाकिस्तान एक बड़ी उथल-पुथल की तरफ बढ़ रहा है। इमरान खान की गिरफ्तारी की आशंका के कारण उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सैकड़ों समर्थकों का हुजूम सोमवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री के आवास के करीब इकट्ठा हो गया। खान के खिलाफ आंतकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी का अंदेशा गहरा गया है। उनके समर्थकों को डर है कि इमरान खान को भी हिरासत में उसी तरह यातना दी जा सकती है, जैसा पीटीआई नेता शहबाज गिल को दी गई है।
पीटीआई ने अपने समर्थकों से कहा है कि इमरान खान की गिरफ्तारी होने पर वे सड़कों पर उतर आएं। खान की लोकप्रियता को देखते हुए उनकी गिरफ्तारी का जोरदार विरोध होने की संभावना है। पर्यवेक्षकों ने कहा है कि पार्टी प्रमुख की गिरफ्तारी की स्थिति में पीटीआई समर्थक हिंसा पर उतर सकते हैं। इस बीच इमरान खान की लोकप्रियता का अंदाजा रविवार को फिर लगा, जब सिंध प्रांत में हुए एक उप चुनाव में उनकी पार्टी विजयी रही। पीटीआई को पहले कभी सिंध में मजबूत ताकत नहीं माना जाता था।
इमरान खान के खिलाफ मामला इस्लामाबाद के सदर मजिस्ट्रेट अली जावेद की शिकायत पर दर्ज किया गया है। जावेद ने अपनी शिकायत में इल्जाम लगाया है कि इमरान खान ने इस्लामाबाद की अतिरिक्त सेशन जज जेबा चौधरी को धमकियां दी थीं। खान के खिलाफ एफआईआर शनिवार रात मारगला पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई। इसमें उन पर आतंकवाद विरोधी कानून की धारा सात भी लगाई गई है। खान के खिलाफ दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अपने भाषणों के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री सेना, पुलिस और न्यायपालिका के खिलाफ बगावत भड़का रहे हैं।
इस बीच शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीडीएम सरकार लगातार विपक्ष और अभिव्यक्ति की आजादी के दमन के आरोपों से घिरती जा रही है। शहबाज गिल की गिरफ्तारी के साथ ही एआरवाई चैनल को बंद करने और उसके संचालकों पर मुकदमा दर्ज करने की घटना हुई थी। इस चैनल को इमरान खान का समर्थक माना जाता था। इसके बाद बीते सप्ताहांत सरकार ने टीवी चैनलों को इमरान खान के भाषणों का सीधा प्रसारण ना करने का निर्देश दिया। रविवार को उनके यूट्यूब चैनल को भी बंद करवा दिया गया। विश्लेषकों के मुताबिक इन कार्रवाइयों को संभवतया एस्टैब्लिशमेंट (सेना और खुफिया नेतृत्व) का भी समर्थन मिला हुआ है।
इस बीच पीटीआई ने इमरान खान की संभावित गिरफ्तारी का बड़े पैमाने पर विरोध करने की योजना बनाई है। पार्टी के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी ने रविवार रात पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि विरोध जताने के लिए वे तैयार रहें। उन्होंने कहा- ‘इमरान खान हमारी रेड लाइन हैं। उन पर हाथ डाला गया, तो षड्यंत्रकारियों को उसका नतीजा भुगतना होगा।’
पीटीआई के नेताओं फारुख हबीब और हम्मद अजहर ने तो धमकी दी है कि अगर इमरान खान को गिरफ्तार किया गया, तो पार्टी कार्यकर्ता इस्लामाबाद पर कब्जा जमा लेंगे। उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पीटीआई नेता आमिन अली ने कहा- ‘हम पुलिस अधिकारियों से कहना चाहते हैं कि वे राजनीतिक युद्ध का हिस्सा ना बनें, वरना हम आपसे भी उसी तरह पेश आएंगे, जिस तरह हम पीडीएम (पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट) कार्यकर्ताओं से निपटेंगे।’