अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हाल ही में पाकिस्तान को दुनिया का सबसे खतरनाक देश बताया है। बाइडन ने कहा कि पाकिस्तान के पास बिना एकता के परमाणु हथियार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टिप्पणी से पाकिस्तान बुरी तरह तिलमिलाया गया है। उसने अमेरिकी राजदूत को तलब किया है। विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने उनकी टिप्पणियों को खारिज किया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि पाकिस्तान वैश्विक मानकों का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा, जहां तक पाकिस्तान की परमाणु संपत्ति की सुरक्षा का सवाल है, हम अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी (आईएईए) के अनुसार सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों पूरा करते हैं।
बिलावल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बाइडन के बयान के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लूम को आधिकारिक सीमांकन के लिए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय तलब किया गया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पिछले महीने अमेरिका का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कई उच्च स्तरीय बैठकें भी की थीं। उन्होंने बाइडन के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि अतीत में संबंधों में तनाव के कारण दोनों पक्षों के बीच संचार की कमी कारण हो सकता है। उन्होंने कहा, मैं राष्ट्रपति बाइडन की टिप्पणी से हैरान हूं। मेरा मानना है कि यह ठीक उसी तरह की गलतफहमी है, जो इंगेजमेंट की कमी होने पर पैदा होती है।
बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान ने (अमेरिका के साथ) इंगेजमेंट शुरू की है और अभी-अभी अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की चिंता थी तो मेरे साथ उस बैठक में उठाया जाना चाहिए था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि इस साल 9 मार्च को गलती पाकिस्तान में मिसाइल दागने वाले भारत के परमाणु हथियारों पर सवाल उठाए चाहिए।
इमरान खान को सत्ता से बाहर करने के बाद शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली नई सरकार अप्रैल में सत्ता आई। इमरान खान अमेरिका पर आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी साजिश से उन्हें सत्ता से बेदखल किया गया। नई सरकार आने के बाद पहली बार बाइडन की ओर से इस तरह की टिप्पणी सामने आई है।
दो दशक पहले तक अमेरिका और पाकिस्तान के मधुर संबंध थे। लेकिन अलकायदा का संस्थापक ओसामा बिन लादेन पाए जाने के बाद से अमेरिका पाकिस्तान से परेशान है। अफगानिस्तान में तालिबान का समर्थन और अपनी धरती पर आतंकियों की मौजूदगी कारण भी अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंध खराब हो गए थे।
बीते हफ्तों में पाकिस्तान ने फिर से अमेरिका के साथ जुड़ना शुरू कर दिया है। हाल ही में बिलावल ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की थी। इसके अलावा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के साथ मुलाकात की थी।