पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की हर हफ्ते होने वाली प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आयशा फारुकी ने साफ तौर पर कहा कि भारत के नेताओं, सेना के अफसरों से लेकर आम लोगों की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ जिस भाषा का इस्तेमाल लगातार किया जाता है वह बेहद आपत्तिजनक है।
पाकिस्तान ने इस बारे में कई बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के बारे में हमेशा धमकी देने वाले अंदाज और नफरत भरी भाषा में बात करता है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान कश्मीर पर मध्यस्थता करने के उनके प्रस्ताव का पाकिस्तान ने स्वागत किया है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसे भरोसा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी ओर से बार बार उटाए जा रहे इस मसले को गंभीरता से लिया जाएगा। कश्मीर विवाद का हल ही इलाके में शांति और सद्भाव का एकमात्र तरीका हो सकता है।
पाकिस्तान ने अमेरिका में भारतीय शोध संस्थानों में पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि वह ऐसी हर गतिविधि को लेकर गंभीर है और अपने खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी आवाज उठा रहा है।