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Pakistan: गाजा पीस बोर्ड पर घर में ही घिरे शहबाज, विपक्ष बोला- यह ट्रंप की जोखिम भरी नीति का खतरनाक हिस्सा

Sat, 24 Jan 2026 04:36 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

गाजा में शांति के लिए बनी शांति बोर्ड में शामिल पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ इस मामले में अपने घर में ही घिरते नजर आ रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल पीटीआई सरकार से मांग की है कि वह 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान की सदस्यता फिलहाल वापस ले। 
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गाजा पीस बोर्ड पर घिरे शहबाज - फोटो : X @WhiteHouse
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विस्तार
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पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने दावोस में अमेरिका के 'बोर्ड ऑफ पीस' के चार्टर पर साइन कर अपने ही घर में घिर गए हैं। बोर्ड को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई में गाजा में शांति कायम करने और फिर से बसाने के लिए बनाया गया है।
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पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, विपक्षी दलों ने उनके फैसले का विरोध किया और इसे देश के लिए गलत बताया। विपक्ष का कहना है कि यह अमीरों का क्लब है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने कहा कि फैसला लेने से पहले सभी पार्टियों से सलाह लेनी चाहिए थी। पत्रकार जाहिद हुसैन ने कहा, पाकिस्तान ने मित्र देश फलस्तीन की अनदेखी कर जल्दबाजी में यह कदम उठाया है। हुसैन ने कहा, पीएम को दूसरों के फैसलों का इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने इसे ट्रंप की जोखिम भरी नीति का खतरनाक हिस्सा बताया।
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पीस बोर्ड से सदस्यता वापस ले- पीटीआई
जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को यूएन की मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए न कि उसके जैसी कोई नई संरचना बनानी चाहिए। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि वह 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान की सदस्यता फिलहाल वापस ले और इस मुद्दे पर संसद की निगरानी में फिर से चर्चा की जाए, जिसमें इमरान खान को भी शामिल किया जाए।
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पीस बोर्ड फलस्तीनियों से उनका अधिकार छीन रहा
संसद में विपक्षी नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने इसे नैतिक रूप से गलत और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा, यह बोर्ड फलस्तीनियों से उनका अधिकार छीन रहा है। यह फलस्तीनियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को कमजोर करेगा और यूएन को हाशिए पर धकेलने की कोशिश है। पाकिस्तान, जो कश्मीर जैसे मुद्दों पर यूएन के प्रस्तावों पर जोर देता है, इस तरह की पहल में शामिल होकर अपनी विश्वसनीयता खो रहा है।

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