पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के सात आतंकवादियों को मार गिराया है। जानकारी के मुताबिक, मारे गए लोगों में तीन अंडर-ट्रायल कैदी भी हैं।
बीते साल टीटीपी ने रद्द किया था संघर्ष विराम
बता दें, टीटीपी ने पिछले साल नवंबर में सरकार के साथ अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम को रद्द किया और अपने आतंकवादियों को सुरक्षा बलों पर हमले तेज करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि सत्ता में आने का बाद अफगान तालिबान टीटीपी के आतंकियों को निष्कासित करके पाकिस्तान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल बंद कर देगा, लेकिन उन्होंने इस्लामाबाद के साथ संबंधों में तनाव की कीमत पर ऐसा करने से इनकार कर दिया।
इसी साल तीस जनवरी को तालिबान के आत्मघाती हमलावर ने पेशावर की उच्च सुरक्षा वाली एक मस्जिद में खुद को उड़ा दिया था, जिसमें सौ से ज्यादा नमाजियों की मौत हो गई थी, जबकि दो सौ से ज्यादा घायल हो गए थे। वर्ष 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के समूह के रूप में गठित टीटीपी ने संघीय सरकार के साथ संघर्ष विराम तोड़ लिया था और अपने आतंकवादियों को देश भर में आतंकवादी हमले करने का आदेश दिया था।
अल-कायदा के करीबी माने जाने वाले इस समूह को 2009 में सेना मुख्यालय पर हमला, सैन्य ठिकानों पर हमला और 2008 में इस्लामाबाद के मैरियट होटल पर बमबारी सहित पाकिस्तान में कई घातक हमलों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है। 2014 में, पाकिस्तानी तालिबान ने पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला किया, जिसमें 131 छात्रों सहित कम से कम 1150 लोग मारे गए थे।