पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर वजीरिस्तान जिले में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने बताया कि इस दौरान सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया और आत्मघाती हमले की तैयारी में लगे वाहन को भी नष्ट कर दिया।
आईएसपीआर द्वारा जारी बयान के मुताबिक, यह इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन जिले के झल्लर इलाके में चलाया गया था। सेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि ‘फितना अल-खवारिज’ संगठन के आतंकी (जो प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान - TTP से जुड़े हैं) एक बड़े आत्मघाती हमले की साजिश रच रहे हैं।
बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उन आतंकियों को निशाना बनाया और विस्फोटक से भरे वाहन को उड़ाकर एक संभावित विनाशकारी हमले को टाल दिया। आईएसपीआर ने यह भी बताया कि क्षेत्र में अब भी क्लीन-अप और सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी भी अन्य छिपे आतंकी को पकड़ा जा सके।
ये भी पढ़ें:- US: राष्ट्रपति चुनाव 2028 को लेकर कमला हैरिस का बड़ा संकेत, व्हाइट हाउस की रेस पर दिया बयान
'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी'
सेना के बयान में कहा कि ‘अज़्म-ए-इस्तेहकाम’ अभियान के तहत सुरक्षा बल और कानून प्रवर्तन एजेंसियां पाकिस्तान से विदेशी समर्थित आतंकवाद के खात्मे तक कार्रवाई जारी रखेंगी। हमारे जवानों के बलिदान से हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है।
पाकिस्तान में बढ़ते हमले और राजनीतिक प्रतिक्रिया
हाल के महीनों में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में तेजी आई है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में। अधिकतर हमले पुलिस, सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। 2022 में TTP द्वारा सरकार के साथ युद्धविराम समझौता तोड़ने के बाद से हमलों में भारी वृद्धि देखी गई है।
ये भी पढ़ें:- Pakistan: 'अगर समझौता नहीं हुआ तो खुला युद्ध होगा', शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान की अफगानिस्तान को गीदड़भभकी
हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने दावा किया था कि प्रांत में आतंकवाद की पुनर्वापसी केंद्र सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है। हालांकि, सत्ता में रही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी सैन्य अभियानों का विरोध करती रही है, क्योंकि इनसे जन विस्थापन और नागरिकों की परेशानी बढ़ जाती है।