पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पीटीआई अगर आठ फरवरी को विरोध प्रदर्शन करती है, तो सरकार इसके खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। उस दिन लाहौर में चैंपियंस ट्रॉफी का मैच भी होने वाला है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
इमरान की पार्टी ने किया जलसे का एलान
नकवी का यह बयान तब सामने आया है, जब पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने आठ फरवरी को काला दिवस के रूप में मनाने का एलान किया है। पीटीआई ने घोषणा की है कि वह पिछले साल आठ फरवरी को हुई आम चुनाव में 'जनादेश की चोरी' के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी और लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान मैदान में जनसभा करेगी।
जलसे के आयोजन के लिए की एनओसी की मांग
पंजाब प्रांत के लिए पीटीआई की नवनियुक्त आयोजक आलिया हमजा ने लाहौर के उपायुक्त को एक आवेदन दिया है, जिसमें सियासी जनसभा के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की मांग की गई है। इसमें उन्होंने जिक्र किया है कि वह और पंजाब विधानसभा के विपक्ष के नेता मलिक अहमद खान भाचर और नेशनल असेंबली सीट-17 से अली इजाज मिलकर जलसे का आयोजन करेंगे।
अपनी योजना पर पुनर्विचार करे पीटीआई: नकवी
अपने लाहौर दौरे के दौरान नकवी ने पीको रोड पर मेगा पासपोर्ट केंद्र में कहा, सरकार पीटीआई से आठ फरवरी को विरोध प्रदर्शन की योजना पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करेगी। लेकिन अगर पार्टी मना करती है, तो सरकार जरूरी कार्रवाई करेगी।
'छवि को नुकसान पहुंचाना चाहती है पीटीआई'
नकवी ने आरोप लगाया कि जब भी देश में विदेशी हस्तियों का दौरा होता है, तब पीटीआई विरोध प्रदर्शन करने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि उनकी (पीटीआई) राजनीति अराजकता को बढ़ावा देती है, न कि रचनात्मक विकास को।
एनएडीआरए और एफआईए में सुधारों की घोषणा की
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने एनएडीआरए, पासपोर्ट कार्यालयों और एफआईए में सुधारों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो लोग फर्जी दस्तावेजों के साथ विदेश की यात्रा करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मानव तस्करी में संलिप्त एजेंटों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध तरीके से विदेश जाने वालों पर होगी कार्रवाई
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) में खासतौर पर फैसलाबाद और गुजरात में बड़े सुधार किए जाएंगे, क्योंकि इन इलाकों से बहुत से युवा अवैध तरीके से विदेश जाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोग गैरकानूनी तरीके से विदेश जाएंगे, तो इससे पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचेगा। साथ ही, मानव तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।