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Pakistan: इमरान बोले- नौ मई की हिंसा से पहले किया था शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान, गलत ढंग से पेश किया गया बयान

Mon, 29 Jul 2024 11:48 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: नौ मई की हिंसा को लेकर इमरान खान ने कहा कि उन्होंने पार्टी को निर्देश दिया था कि अगर सेना और रेंजर्स उन्हें गिरफ्तार करते हैं तो जीएचक्यू और छावनियों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाए।  
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को एक बार फिर कहा कि उन्होंने रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय (जीएचक्यू) के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। पिछले हफ्ते पीटीआई पार्टी के संस्थापक ने इसी तरह का बयान दिया था। लेकिन उनके विरोधियों ने उनके बयान को इस तरह से पेश किया था कि उन्होंने अपने अपराध को कबूल कर लिया है। खान अभी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। 
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'न्यायिक परिसर में मुझे मारने की योजना थी'
खान अपने उस पर बयान पर अभी भी कायम हैं, जो उन्होंने एक हफ्ते पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि पिछले साल नौ मई की हिंसा से पहले उन्होंने जीएचक्यू के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास सबूत हैं कि 18 मार्च 2023 को इस्लामाबाद न्यायिक परिसर के बाहर उन्हें मारने की योजना थी।

'गलत तरीके से पेश किया गया मेरा बयान'
अदियाला जेल में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में खान ने कहा, "मैंने पार्टी को निर्देश दिया था कि अगर सेना और रेंजर्स मुझे गिरफ्तार करते हैं तो जीएचक्यू और छावनियों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाए।" उन्होंने यह भी दावा किया कि जीएचक्यू के बाहर प्रदर्शन के बारे में उनके बयान को ऐसे पेश किया गया, जैसे मैंने नौ मई का अपना अपराध कबूल कर लिया हो। 
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'सीसीटीवी फुटेज जारी नहीं किए जा रहे'
नौ मई को हुई हिंसा के बारे में एक सवाल के जवाब में खान ने कहा, "विरोध शांतिपूर्ण इसलिए नहीं था, क्योंकि यह पूर्व नियोजित था। सीसीटीवी फुटेज जारी नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इसमें हमारे लोग नहीं हैं और यह हमारी बेगुनाही साबित करेगा।" उन्होंने कहा कि वह गायब सीसीटीवी फुटेज को लेकर अदालत जाएंगे और उच्च न्यायालय परिसर से अपने कथित अपहरण को लेकर अर्ध सैनिक रेंजर्स के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे। 

पीटीआई समर्थकों ने किया हिंसक प्रदर्शन
पूर्व प्रधानमंत्री को नौ मई को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। बाद में उनमें से दर्जनों को गिरफ्तार किया गया। खान के खिलाफ हिंसा भड़काने के मामले भी दर्ज किए गए। जीएचक्यू के बारे में उनके पिछले बयान को सोशल मीडिया वायरल किया गया था। जिसमें उन्हें अपराध को कबूल करते हुए पेश किया गया था। खान ने पीटीआई महासचिव राओफ हसन की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर की गई कार्रवाई की भी आलोचना की और इसकी पारदर्शी जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग की। 
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