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सऊदी पर हूती हमले के बीच पाकिस्तान का यू-टर्न?: ख्वाजा आसिफ बोले- मक्का समझौते के तहत निभाएंगे जिम्मेदारी

Thu, 17 Sep 2026 04:35 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, इस्लामाबाद
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ख्वाजा आसिफ, रक्षा मंत्री, पाकिस्तान - फोटो : ANI
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सऊदी अरब पर पिछले कुछ दिनों से यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमले हो रहे हैं। इन हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हाल ही में हुआ मक्का समझौता सवालों के घेरे में नजर आया। हमलों के दौरान पाकिस्तान सऊदी अरब के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना और चर्चा के बाद अब पाकिस्तान ने अपने रुख में बदलाव के संकेत दिए हैं।
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि उनका देश मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सऊदी अरब के मुताबिक, मुस्लिमों के पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन हमले की कोशिश के बाद आसिफ ने यह बयान दिया। आसिफ ने बुधवार को जियो न्यूज से बातचीत में कहा, मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

 सात अगस्त को हुआ था मक्का समझौता
बता दें कि पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब ने सात अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत तीनों देशों की सामूहिक सुरक्षा का ढांचा तैयार किया गया है। इसमें किसी एक देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। आसिफ का बयान ऐसे समय आया जब मंगलवार को सऊदी अरब के पश्चिमी तट के कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। इनमें मक्का भी शामिल था। सऊदी अधिकारियों ने बताया था कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने शहर के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, हूतियों ने मक्का या किसी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया।
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'मक्का पर हमला हुआ तो सुरक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं'
आसिफ ने कहा, अगर मक्का पर हमला होता है तो उसकी सुरक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों की सुरक्षा पाकिस्तान का कर्तव्य है, भले ही कोई समझौता मौजूद न हो। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि मक्का समझौता तीनों देशों में से किसी की क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं के उल्लंघन की स्थिति में आपसी रक्षा का प्रावधान करता है। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने को लेकर “बिल्कुल कोई अस्पष्टता नहीं” है।

ईरान को लेकर भी दिया बयान
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने हूती हमलों को लेकर सऊदी अरब का संदेश ईरान तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि ईरान एक देश के तौर पर कोई दूसरा मोर्चा खोलेगा।  उन्होंने कहा कि ईरान पहले से ही क्षेत्र में एक संघर्ष में उलझा हुआ है। उन्होंने ईरान और गैर-राज्य समूहों के बीच अंतर करते हुए कहा कि ऐसे समूह किसी देश की औपचारिक मंजूरी या समर्थन का इंतजार किए बिना कार्रवाई कर सकते हैं। आसिफ ने कहा कि हूतियों और सऊदी अरब से जुड़े संघर्ष में ईरान का किसी पक्ष का समर्थन करना उसके लिए उचित कदम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संघर्ष को दूसरे क्षेत्रों तक फैलने से रोकने के प्रयास जारी रखेगा।

शरीफ ने सऊदी के समर्थन में कही यह बात
इससे पहले बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब की रक्षा के लिए अपने देश के पूर्ण समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद रियाद के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर” खड़ा है। शरीफ ने मक्का अल-मुकर्रमा के पवित्र स्थल पर हुए कथित “कायराना और जघन्य ड्रोन हमले के प्रयास” की निंदा की। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और तनाव को और बढ़ने से रोकने की अपील की।
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