राफेल विमानों के साथ दो सुखोई विमान (पीछे की ओर)
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बुधवार को फ्रांस से पहुंचे पांच राफेल विमान अंबाला के एयरबेस पर तैनात हो गए। फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन द्वारा बनाए गए इन लड़ाकू विमानों के भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद भारत की ताकत में इजाफा हो गया है। उधर राफेल विमानों के भारत पहुंचने के बाद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की चिंता भी साफ झलकने लगी है।
पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने वो खबरें देखी हैं कि भारत ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदे हैं, जिनमें सुधार कर उन्हें परमाणु हथियार से लैस किया जा सकता है। पाकिस्तान के विदेश विभाग की प्रवक्ता आयशा फारुकी ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘भारतीय वायुसेना द्वारा हाल ही में प्राप्त किए गए राफेल विमानों से जुड़ी खबरें हमने देखी हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह परेशानी का सबब है कि भारत अपनी सुरक्षा जरुरतों से ज्यादा सैन्य क्षमता जुटाना जारी रखे हुए है।’
उन्होंने कहा, ‘अत्याधुनिक प्रणाली का हस्तांतरण, जहां स्पष्ट मंशा उसे परमाणु हथियार ले जाने लायक बनाने की है, यह परमाणु हथियार जमा नहीं करने के अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं से किए गए वादे पर सवाल खड़े करता है।’
प्रवक्ता ने कहा, ‘दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ के खिलाफ अपने रूख पर कायम रहते हुए भी पाकिस्तान, इन घटनाक्रमों के प्रति बेखबर बना नहीं रह सकता है, और वह गलत मंशा के साथ आक्रमकता के किसी भी कदम को नाकाम करने की अपनी क्षमता के प्रति आश्वस्त है।’
गौरतलब है कि फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ 36 राफेल विमानों का सौदा करने के करीब चार साल बाद भारत को पांच राफेल विमानों की पहली खेप बुधवार को प्राप्त हुई। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा था कि राफेल विमानों के साथ से भारतीय वायुसेना भारत के समक्ष आने वाली किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए और मजबूत हो गई है, साथ ही जो लोग देश की सम्प्रभुता को नुकसान पहुंचाने की मंशा रखते हैं उनमें इस नयी ताकत से भय व्याप्त होना चाहिए।