पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता में आने के करीब एक साल बाद भी अब तक लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल जुलाई में सत्ता में आने के बाद से खान को भुगतान संतुलन और खस्ताहाल आर्थिक स्थितियों से जूझना पड़ रहा है। वित्तीय संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में चीजों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।
डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 30 फीसदी तक टूट गया है और मुद्रास्फीति की दर करीब नौ फीसदी है। इसके अभी और बढ़ने की आशंका है। विश्लेषकों ने चेताया कि पाकिस्तान की तेजी से बढ़ती जनसंख्या आर्थिक वृद्धि से कहीं ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से छह अरब डॉलर के कर्ज को मंजूरी मिलने के बावजूद देश को समस्याओं से फौरी तौर पर कोई राहत नहीं मिलेगी।
बता दें कि महंगाई के विरोध में पाकिस्तान के कारोबारियों ने इस महीने की शुरुआत में एक दिन की हड़ताल बी की थी। वहीं, बीते शुक्रवार को लगभग आठ हजार लोगों ने बढ़ती कीमतों के खिलाफ जुलूस निकाला था। पाकिस्तान में सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं।