पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से इस्तीफा देने वालों की कतार लगी हुई है। पीटीआई के तीन नेताओं ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। वहीं, एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो उन्हें एक और झटका लग सकता है। दरअसल, पार्टी में चल रही अशांति के बीच खान के करीबी सहयोगी बताए जाने वाले बाबर अवान लंदन के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि, अवान का कहना है कि वह पहले से तय निजी कार्यक्रमों के लिए लंदन गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रमुख नेताओं ने पीटीआई से अलग होने का फैसला किया है। नेताओं का कहना है कि वे राजनीति छोड़ रहे हैं।
एजाज ने छोड़ी पार्टी
गौरतलब है, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पीटीआई के नेता एजाज चौधरी की गिरफ्तारी को लोक व्यवस्था के रखरखाव (एमपीओ) के तहत गैरकानूनी घोषित करार दिया था, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। यह फैसला पीटीआई के महासचिव असद उमर के बुधवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल से रिहा होने के तुरंत बाद आया था। हालांकि, जेल से छूटने के तुरंत बाद उन्होंने नेशनल प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे की घोषणा की थी।
अवान की यात्रा का मकसद
अवान पीटीआई अध्यक्ष के करीबी सहयोगी और कानूनी सलाहकार हैं। सूत्रों का कहना है कि अवान की लंदन यात्रा पहले से ही तय थी। वह जल्द ही पाकिस्तान वापस लौट आएंगे। वहीं पीटीआई अध्यक्ष ने खुद भी स्पष्ट कर दिया है कि वह काम से लंदन गए हैं। उनका कहना है कि उनका इलाज पाकिस्तान डॉक्टर करते हैं। ऐसे में वह अपना देश नहीं छोड़ सकते हैं।
इमरान की गिरफ्तारी बनी मुसीबत
बता दें, अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से खान की गिरफ्तारी के विरोध में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चला था। इसमें करीब 8 लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। वहीं, सरकार ने कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं को भी रोक दिया था।
9 मई यानी काला दिवस
इतना ही नहीं, पाकिस्तान में विपक्ष के साथ-साथ सेना और सत्ता पक्ष ने नौ मई के दिन को पाकिस्तान के लिए 'काला दिवस' बताया था। हालांकि, दोनों के ऐसा कहने के अलग-अलग कारण हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अपने नेता इमरान खान की गिरफ्तारी के कारण इस दिन को ‘काला दिवस’ बताया है। वहीं, सेना के जन संपर्क विभाग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने नौ मई से हो रही घटनाएं देश के इतिहास में एक ‘काला अध्याय’ बताया था। उनका कहना था कि इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद सेना की संपत्ति और उसके ठिकानों को बड़े स्तर पर निशाना बनाया गया था।
इन नेताओं ने दिया इस्तीफा
गौरतलब है, इमरान के करीबी और उनकी सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने भी बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। नौ मई को हुईं हिंसा के बाद सरकार लगातार पीटीआई के नेताओं पर शिकंजा कस रही है। इसी के चलते इमरान के करीबी पार्टी छोड़ रहे हैं।
इमरान की सरकार में सूचना मंत्री रहे फवाद चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि मेरे पहले के बयान में जहां मैंने नौ मई की घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की थी, मैंने राजनीति से ब्रेक लेने का फैसला किया है, इसलिए मैंने पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया है और इमरान खान से अलग हो रहा हूं। फवाद चौधरी ने इमरान सरकार के दौरान सूचना और प्रसारण के संघीय मंत्री और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में कार्य किया। वह पीटीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता भी थे।
इससे पहले, पीटीआई की बड़ी नेता शिरीन मजारी ने मंगलवार को बड़ा झटका देते हुए तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी छोड़ दी थी और उन्होंने रक्षा प्रतिष्ठानों पर पर हमला करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थकों पर निशाना साधते हुए उनकी निंदा भी की थी। शिरीन मजारी ने इमरान खान के शासन में 2018 से 2022 तक मानवाधिकार मंत्री के रूप में कार्य किया।