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Pakistan: क्यों हुई पाकिस्तान में बिजली गुल, इससे कितना नुकसान? जानें कब तक स्थितियां होंगी सामान्य

Mon, 23 Jan 2023 07:18 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिजली मंत्री खुर्रम दस्तगीर के मुताबिक नेशनल ग्रिड के दक्षिण में एक बड़े वोल्टेज उतार-चढ़ाव के कारण संकट उत्पन्न हुआ। बाद में व्यापक प्रभाव के कारण बिजली उत्पादन इकाइयां एक-एक करके बंद हो गईं। 
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पाकिस्तान में बिजली गुल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पाकिस्तान में सोमवार को पावर सिस्टम फेल हो गया। इसके चलते पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में बिजली गुल हो गई है। पाकिस्तानी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पाकिस्तान के नेशनल ग्रिड की सिस्टम फ्रिक्वेंसी फेल हो गई। इसके चलते देशभर में पावर सिस्टम एक बार फिर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। मरम्मत का काम चल रहा है। 
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आइये जानते हैं पाकिस्तान में पावर सिस्टम क्यों फेल हुआ? इसे ठीक करने के लिए क्या किया जा रहा है? इस मामले में पाकिस्तान सरकार क्या कर रही है? पावर सिस्टम के फेल होने से कहां कितना नुकसान हुआ? कब तक स्थितियां सामान्य होने की उम्मीद है? पहले कब-कब हुआ पावर फेल्योर?

पाकिस्तान में पावर सिस्टम फेल - फोटो : सोशल मीडिया
पाकिस्तान में पावर सिस्टम क्यों फेल हुआ?
बिजली मंत्री खुर्रम दस्तगीर के मुताबिक नेशनल ग्रिड के दक्षिण में एक बड़े वोल्टेज उतार-चढ़ाव के कारण संकट उत्पन्न हुआ। सुबह साढ़े सात बजे जब सिस्टम एक-एक करके चालू किए गए तो जमशोरो और दादू के बीच फ्रीक्वेंसी में बदलाव की सूचना मिली। वोल्टेज में उतार-चढ़ाव था और व्यापक प्रभाव के कारण बिजली उत्पादन इकाइयां एक-एक करके बंद हो गईं। 

सुक्कुर क्षेत्र में बिजली आंशिक रूप से बहाल - फोटो : सोशल मीडिया
इसे ठीक करने के लिए क्या किया जा रहा है?
देश में बिजली संकट को दूर करने के लिए काम किया जा रहा है। संघीय ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान नेशनल पावर कंट्रोल सेंटर इस्लामाबाद में बिजली बहाली कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। पूरे देश में एनटीडीसी के सभी अधिकारी बिजली बहाली की कोशिश में लगे हैं। 
बिजली मंत्रालय ने बताया कि तारबेला और वारसाक में कुछ ग्रिड स्टेशन बहाल हो गए हैं। दस्तगीर के मुताबिक, इस्लामाबाद, पेशावर, मुल्तान और सुक्कुर में बिजली वितरण कंपनियों ने आंशिक रूप से बिजली बहाल कर दी है। वाटर एन्ड पावर डेवलपमेंट अथॉरिटी (WAPDA) और कराची इलेक्ट्रिक जल्द से जल्द बिजली बहाल करने के लिए एक दूसरे के संपर्क में हैं। हालांकि, अधिकारियों को उम्मीद है कि रात दस बजे तक पूरी तरह से बहाली हो जाएगी। 

शहबाज शरीफ - फोटो : अमर उजाला
बिजली संकट की जांच के लिए पीएम ने बनाई कमेटी  
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। शरीफ ने बिजली संकट पर ऊर्जा मंत्री से तत्काल रिपोर्ट मांगी। उन्होंने बिजली गुल होने के कारणों का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को पहचान करने को कहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बिजली बहाल करने के लिए तेजी से कदम उठाने का आदेश दिया और कहा कि जनता को परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दूसरी ओर नेशनल इलेक्ट्रिक पावर रेगुलेटरी अथॉरिटी (नेपरा) ने नेशनल ट्रांसमिशन एंड डिस्पैच कंपनी (NTDC) को बिजली संकट पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। नेपरा ने यह भी बताया कि इसने पहले 2021 और 2022 में इसी तरह की घटनाओं पर जुर्माना लगाया था और इनको कम करने के लिए लगातार निर्देश और सिफारिशें जारी की हैं। 
 

कपड़ा उद्योग - फोटो : सोशल मीडिया
पावर सिस्टम के फेल होने से कितना नुकसान हुआ? 
देश में बिजली संकट अस्पताल, कारखाने, कपड़ा उद्योग समेत कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। कपड़ा कारोबारियों ने शिकायत की कि सोमवार को बिजली गुल होने के कारण उन्हें अपना कारखाना बंद करना पड़ा। ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी कामरान अरशद अरशद ने कहा कि संकट के कारण होने वाला नुकसान अरबों में हो सकता है। उनके मुताबिक एक दिन उत्पादन बंद होने पर कपड़ा उद्योग का अकेले का नुकसान 20 मिलियन पाकिस्तानी रुपये से अधिक है। 

पाकिस्तान में बिजली गुल - फोटो : social media
पहले कब-कब हुआ पावर फेल्योर?
पाकिस्तान में पावर सिस्टम का फेल होना कोई नई बात नहीं है। यहां पिछले साल अक्तूबर में कराची, हैदराबाद, सुक्कुर, क्वेटा, मुल्तान और फैसलाबाद में बिजली गुल हो गई थी। देश में करीब 8,000 मेगावाट बिजली नदारद हो गई थी। इसकी वजह दो बिजली लाइनों में एक साथ आई खराबी बताई गई थी। 
इसके अलावा देश को पिछले नौ वर्षों के दौरान आठ बड़े बिजली संकटों का सामना करना पड़ा है। 2014 और 2017 में, तारबेला पावर स्टेशन में खराबी आई थी जिसके कारण देशभर में लोगों को भीषण बिजली संकट से गुजरना पड़ा था। वहीं 2015, 2018, 2019, 2021, 2022 और अब 2023 बिजली संकट की वजह कोहरा, सिस्टम फ्रिक्वेंसी फेल्योर बताया गया है।

संघीय ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान - फोटो : सोशल मीडिया
कोई बड़ा संकट नहीं: बिजली मंत्री 
बिजली मंत्री दस्तगीर ने कहा कि संकट कोई 'बड़ा' नहीं है। सर्दियों में, बिजली की मांग देश भर में कम हो जाती है, इसलिए हम रात में अपनी बिजली उत्पादन इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद कर देते हैं। सुबह उत्पादन इकाइयों को शुरू करने के दौरान ये परेशानी आई है। जिसे 12 घंटे के अंदर सही कर लिया जाएगा।  

 
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पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) - फोटो : सोशल मीडिया
प्रमुख हवाईअड्डों पर बिजली की समस्या नहीं: नागरिक उड्डयन प्राधिकरण
इस बीच, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) ने कहा है कि देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर बिजली की कोई समस्या नहीं है। प्राधिकरण के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'वैकल्पिक व्यवस्थाओं की बदौलत स्थिति नियंत्रण में है। हम सभी हवाईअड्डों को निर्बाध बिजली प्रदान करने के लिए वैकल्पिक स्त्रोतों का उपयोग कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि पेशावर हवाई अड्डे पर बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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