पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) प्रमुख नवाज शरीफ दिसंबर तक पाकिस्तान लौट सकते हैं। शरीफ आत्म-निर्वासन खत्म कर अगले आम चुनाव में अपनी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए लंदन से पाकिस्तान लौटेंगे। मीडिया रिपोर्ट में शनिवार को इसका दावा किया गया। यह भी कहा जा रहा है कि 72 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को पीएमएल-एन नीत सरकार ने राजनयिक पासपोर्ट भी दे दिया है।
समय से पहले चुनाव की उम्मीद कम
सूत्रों की मानें तो शरीफ आखिरकार दिसंबर में पाकिस्तान लौटेंगे। हालांकि, इसे समय से पहले चुनाव कराने के संकेत के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख एवं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अप्रैल में पद से हटाए जाने के बाद से मध्यावधि चुनाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल असेंबली का मौजूदा कार्यकाल अगस्त 2023 तक है।
नवंबर 2019 से लंदन में हैं शरीफ
शरीफ भ्रष्टाचार के आरोप में कोट लखपत जेल में सात साल की जेल की सजा काट रहे थे, जब लाहौर हाईकोर्ट ने उन्हें चार सप्ताह की जमानत दी थी और उन्हें इलाज के लिए देश छोड़ने की अनुमति दी थी। नवंबर 2019 में वह इलाज कराने के लिए लंदन गए थे और तब से वहीं रह रहे हैं।
लंदन की कोर्ट से शहबाज को झटका
ब्रिटेन की एक हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके दामाद को एक प्रमुख ब्रिटिश अखबार के प्रकाशक के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रधानमंत्री को प्रतिवादी को लागत के रूप में 30,000 पाउंड का भुगतान करने का भी आदेश दिया। 2019 में एक अखबार ने एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहते हुए ब्रिटेन सरकार द्वारा उपलब्ध सहायता राशि का गबन और धनशोधन किया था।
इमरान की पार्टी ने शरीफ सरकार को घेरा
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने शनिवार को संघीय सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि पीटीआई प्रमुख इमरान खान की हत्या का प्रयास अकेले व्यक्ति की ओर किया गा अपराध था। पीटीआई ने आरोप लगाया कि शहबाज शरीफ नीत प्रशासन अपने हैंडलर की मदद से खान पर हमले के मामले की लीपापोती करने का प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पीटीआई-पीएमएलक्यू की गठबंधन सरकार है।