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Pakistan: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, पुलिस ने पंजाब प्रांत में अहमदी पूजा स्थल की मीनारें गिराईं

Mon, 27 Mar 2023 07:23 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, लाहौर।

सार

यह घटना रविवार को पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर गुजरात जिले के कालरा कलां में हुई।
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अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय का पूजा स्थल। - फोटो : Twitter@bilalfqi
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विस्तार
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पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। लेकिन इस बार पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के एक पूजा स्थल को निशाना बनाया है। अल्पसंख्यक समुदाय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने कथित तौर पर कट्टरपंथी मौलवियों के दबाव में अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय के 70 साल पुराने पूजा स्थल की मीनारों को ध्वस्त कर दिया।

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यह घटना रविवार को पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर गुजरात जिले के कालरा कलां में हुई। जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान के अधिकारी आमिर महमूद ने बताया कि पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के एक अधिकारी उक्त अहमदी पूजा स्थल पर आए और बताया कि मीनारों को गिराने के लिए विभाग की ओर से सख्त आदेश हैं क्योंकि यह इसे एक मस्जिद का रूप देता है और कानून के तहत अहमदी अपने पूजा स्थल पर मीनार नहीं बना सकते हैं। रविवार को पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और मीनारों को तोड़ दिया।

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महमूद ने आगे कहा कि स्थानीय मौलवियों के दबाव में अहमदी पूजा स्थल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जो उस स्थान को अपना होने का दावा भी करते हैं। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अहमदियों का यह पूजा स्थल मुसलमानों का है और आपको (अहमदियों को) इस पर कोई अधिकार नहीं है।

अल्पसंख्यक समुदाय विशेष रूप से अहमदी पाकिस्तान में बहुत कमजोर हैं और उन्हें अक्सर धार्मिक चरमपंथियों द्वारा निशाना बनाया जाता है। पूर्व सैन्य तानाशाह जनरल जिया-उल हक ने अहमदियों के लिए खुद को मुसलमान कहना या इस्लाम के रूप में अपने विश्वास का उल्लेख करना एक दंडनीय अपराध बना दिया था। 1974 में पाकिस्तान की संसद ने अहमदी समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित कर दिया था। एक दशक बाद, उन्हें खुद को मुसलमान कहने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उन पर उपदेश देने और तीर्थ यात्रा के लिए सऊदी अरब जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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पिछले महीने पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) के नेतृत्व में एक तथ्य-खोज मिशन ने पंजाब प्रांत में अहमदी समुदाय के सदस्यों के उत्पीड़न में खतरनाक रूप से वृद्धि को रेखांकित किया था। एचआरसीपी की रिपोर्ट में इस बात के सबूत मिले हैं कि एक स्थानीय राजनीतिक-धार्मिक संगठन द्वारा समुदाय के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों के बाद पंजाब के गुजरांवाला और वजीराबाद जिलों में नागरिक प्रशासन पिछले कुछ महीनों में अहमदी पूजा स्थलों पर मीनारों को नष्ट करने में सीधे तौर पर शामिल था। 

बता दें कि पाकिस्तान की 22 करोड़ की आबादी में लगभग एक करोड़ गैर-मुस्लिम हैं। 2017 की जनगणना के अनुसार, पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़े धार्मिक अल्पसंख्यक (50 लाख) हैं।

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