शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से पहले इस्लामाबाद में हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने पाकिस्तान की शहबाज सरकार की नींद उड़ा दी है। प्रदर्शनकारियों से झड़प के बाद पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों समेत 564 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस बीच मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के लापता होने के बाद खैबर पख्तूनख्वाह की प्रांतीय विधानसभा ने आपात सत्र बुला लिया, लेकिन गंडापुर लौट आए और उन्होंने विधानसभा सत्र को भी संबोधित किया। गंडापुर ही पीटीआई के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, इसलिए उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों व पुलिस के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद रविवार को भी तनावपूर्ण हालात रहे। पीटीआई ने रातभर चली बैठक में फैसला किया है कि प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक पार्टी संस्थापक इमरान अपने समर्थकों से इसे खत्म करने के लिए नहीं कहते।
17 अक्तूबर तक इस्लामाबाद व लाहौर में तैनात रहेगी सेना
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि इमरान ने इस प्रदर्शन का आह्वान सिर्फ एससीओ शिखर सम्मेलन को विफल करने के लिए किया है। 15-16 अक्तूबर को होने वाले सम्मेलन की मेजबानी इस बार पाकिस्तान कर रहा है। पीटीआई के विरोध प्रदर्शन व एससीओ शिखर सम्मेलन के मद्देनजर इस्लामाबाद व लाहौर में सेना को तैनात कर दिया गया है। दोनों शहरों में 17 अक्तूबर तक सैनिक तैनात रहेंगे। बता दें कि इमरान ने ही इस प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनकी पार्टी न्यायपालिका के साथ एकजुटता जताने के लिए प्रदर्शन कर रही है।
इमरान समेत 200 पीटीआई समर्थकों के खिलाफ आतंकवाद का मुकदमा
गृह मंत्री नकवी ने बताया कि कुल 564 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें सादे कपड़े में मौजूद 11 पुलिसकर्मी शामिल हैं। 120 अफगानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, झड़पों में 106 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इमरान खान समेत 200 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस बीच पीटीआई ने अपने एक पार्टी नेता के उस बयान से खुद को अलग कर लिया है, जिसमें उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। पार्टी अध्यक्ष गौहर अली खान ने कहा कि गंडापुर के सूचना सलाहकार मुहम्मद अली सैफ की टिप्पणी को गलत तरीके से लिया गया।
जयशंकर की यात्रा से कम होगा तनाव : पूर्व विदेश मंत्री
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की इस्लामाबाद की आगामी यात्रा को सकारात्मक घटनाक्रम बताते हुए कहा कि इससे दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। परवेज मशुर्रफ सरकार में वर्ष 2002 से 2007 तक पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे कसूरी ने कहा, दोनों देशों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए... संवाद शुरू होने से द्विपक्षीय संपर्क बहाल होगा।