फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: 'भारत के साथ स्थायी शांति चाहते हैं, युद्ध समस्या का हल नहीं', कश्मीर पर बोले पीएम शहबाज शरीफ

Sat, 20 Aug 2022 03:18 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, इस्लामाबाद

सार

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर मुद्दे के समाधान से जुड़ी है।
विज्ञापन
शहबाज शरीफ - फोटो : facebook/ShehbazSharif
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि पाकिस्तान बातचीत के माध्यम से भारत के साथ "स्थायी शांति" चाहता है क्योंकि युद्ध किसी भी देश के लिए कश्मीर मुद्दे को हल करने का विकल्प नहीं है। द न्यूज इंटरनेशनल अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए, शरीफ ने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर मुद्दे के समाधान से जुड़ी है। शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने और 5 अगस्त, 2019 को राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

विज्ञापन


हम अपनी सेना पर  सीमाओं की रक्षा के लिए खर्च करते हैं न कि आक्रमण के लिए: शहबाज शरीफ
बातचीत के दौरान, शरीफ ने कहा कि इस्लामाबाद और नई दिल्ली में व्यापार, अर्थव्यवस्था और अपने लोगों की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सेना पर अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए खर्च करता है न कि आक्रमण के लिए। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कार्यक्रम के बारे में एक सवाल के जवाब में शहबाज शरीफ ने कहा कि देश का आर्थिक संकट हाल के दशकों में राजनीतिक अस्थिरता के साथ-साथ संरचनात्मक समस्याओं से उपजा है।
 
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संबंध में एक सहायक भूमिका निभानी होगी: शहबाज शरीफ
पाकिस्तान के पीएम ने आगे कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संबंध में एक सहायक भूमिका निभानी होगी, क्योंकि यह दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है।  पाकिस्तान उच्च मुद्रास्फीति, घटते विदेशी मुद्रा भंडार, बढ़ते चालू खाते के घाटे और मूल्यह्रास मुद्रा के साथ बढ़ती आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। पहले नौ महीनों में चालू खाते के घाटे में 13.2 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी स्थिति और बिगाड़ दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें