पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को सभी पक्षों से संयम बरतने के साथ शांति को थोड़ा और मौका देने की अपील की। शहबाज शरीफ ने यह अपील ऐसे समय की, जब बढ़ते तनाव और हिंसा के कारण अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए चल रहे शांति प्रयास प्रभावित हुए हैं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर यह टिप्पणी उस समय की, जब ईरान और इस्राइल ने एक-दूसरे पर जवाबी हमले किए और बाद में हमले रोकने की घोषणा की। शरीफ ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि "पश्चिम एशिया में हालिया हिंसा में वृद्धि इस बात की स्पष्ट याद दिलाती है कि कमजोर युद्धविराम से कितने खतरे जुड़े होते हैं और इसके क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं।"
ईरान-इस्राइल के बीच बढ़े तनाव पर क्या बोले पाकिस्तानी पीएम?
पाकिस्तानी पीएम ने कहा, "जब हम अपने भाइयों और साझेदारों के साथ मिलकर इस संघर्ष का शांतिपूर्ण-कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए गंभीरता और धैर्यपूर्वक प्रयास कर रहे हैं। विशेष रूप से जब अंतिम लक्ष्य लगभग हासिल होने वाला है, तब हम सभी पक्षों से ईमानदारी से संयम बरतने और शांति को थोड़ा और मौका देने की अपील करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "आइए हम हिंसा और विनाश के बजाय शांति और कूटनीति के मार्ग पर बने रहें, जिनकी सफलता की संभावनाएं अधिक उज्ज्वल हैं।" कूटनीति का रास्ता अपनाने की उनकी अपील ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी प्रधानमंत्री का एक विशेष संदेश लेकर तेहरान पहुंचे और उसे ईरानी अधिकारियों को सौंपा।
पाकिस्तान कर रहा मध्यस्थता की कोशिश
नकवी की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें वह ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को एक लिफाफा सौंपते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उस संदेश की सामग्री के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, लेकिन अब तक दोनों पक्ष किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सके हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है और व्यापारिक गतिविधियों में भी व्यवधान पैदा किया है। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद शुरू हुआ था, जिसके जवाब में तेहरान ने भी कार्रवाई की थी।