पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता इमरान खान के साथ बातचीत के मुद्दे पर दोहरी बातें कही हैं। इस बयान के पीछे उनका क्या मकसद है, इसको लेकर यहां कयास लगाए जा रहे हैं। एक राय यह जताई गई है कि विदेशी मदद हासिल करने के लिए शरीफ देश में सियासी मेलमिलाप का संकेत दे रहे हैं, लेकिन वे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ सचमुच कोई समझौता करने को इच्छुक नहीं हैं।
शरीफ ने सोमवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राष्ट्रीय हित में सभी मतभेद भुलाए जा सकते हैं। इसके लिए वे अपने निजी इगो (अहं) को नजरअंदाज करने को भी राजी हैं। लेकिन लगे हाथ उन्होंने देश के मौजूदा संकटों का दोष इमरान खान के सिर मढ़ दिया। उन्होंने इमरान खान को ‘झूठा’ करार देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी सारी ताकत शरीफ परिवार को कुचलने में लगा रखी है।
हफ्ते भर से देश में यह चर्चा है कि सऊदी अरब जैसे पाकिस्तान के मददगार देशों ने शरीफ सरकार को साफ संकेत दिया है कि वे तभी आर्थिक मदद देंगे, जब देश में राजनीतिक स्थिरता का भरोसा उन्हें हो। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अरब ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान में नए चुनाव नहीं होते, राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी। विश्लेषकों के मुताबिक शहबाज शरीफ का ताजा बयान सऊदी अरब और अन्य सहायक देशों के लक्ष्य करके दिया गया है। वे उन्हें यह संदेश देना चाहते हैं कि अपनी तरफ से वे देश में मेलमिलाप करने और स्थिरता लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
ऐसी खबर है कि सऊदी अरब इसी महीने पाकिस्तान के लिए अरबों डॉलर की मदद घोषित करने को तैयार है। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के दो अधिकारियों ने एक समाचार एजेंसी को यह जानकारी दी है। उनके मुताबिक सऊदी अरब पाकिस्तान को नकदी के अलावा तेल आयात के बदले भुगतान में देर करने की सुविधा देने पर भी राजी हो गया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशहाक डार ने कहा है कि इस बारे में सऊदी अरब के साथ ही जल्द ही औपचारिक वार्ता होने की संभावना है।
कुछ मीडिया टिप्पणियों में राय जताई गई है कि अगर देश में उथल-पुथल की संभावना बनी रही, तो सऊदी अरब प्रस्तावित मदद देने में देर कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कर्ज मिलने में और देर हो सकती है। आईएमएफ छह बिलियन डॉलर से अधिक का नया कर्ज देने पर सितंबर में राजी हो गया था, लेकिन अभी तक उसने ये रकम जारी नहीं की है। इसलिए सऊदी अरब की मदद पाकिस्तान के लिए जीवन-मरण का सवाल बनता जा रहा है।
पीएम शहबाज के बेटे सुलेमान को सुरक्षात्मक जमानत
पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सबसे छोटे बेटे सुलेमान को धनशोधन के एक मामले में दो सप्ताह की सुरक्षात्मक जमानत दे दी। चार साल तक लंदन में स्व-निर्वासन में रहने के बाद पिछले हफ्ते पाकिस्तान लौटे 40 वर्षीय सुलेमान शहबाज इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के सामने पेश हुए। अदालत ने उनके वकील की याचिका पर सुनवाई के बाद संघीय जांच एजेंसी (FIA) द्वारा सुलेमान की गिरफ्तारी को रोकते हुए उन्हें 14 दिन की सुरक्षात्मक जमानत दे दी।