पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फाइल फोटो)।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मंगलवार को जब सुनवाई के लिए इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहुंचे तो उन्हें पाकिस्तान की पैरामिलिट्री फोर्स द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद देश में हिंसक विरोध शुरू हो गया है। वहीं, डॉन अखबार ने बताया कि इमरान खान की गिरफ्तारी से एक घंटे पहले, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को खान पर बिना सबूत के सेना को बदनाम करने, शहीद सैनिकों के खिलाफ मीडिया में अभियान चलाने और राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
इस बीच, आंतरिक और कानून मंत्री ने दावा किया कि इमरान की गिरफ्तारी को पीटीआई नेताओं द्वारा "प्रतिशोध की कार्रवाई" करार दिया जाना गलत है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा जारी किए गए वारंटों को क्रियान्वित करते हुए कानून के तहत खान की गिरफ्तारी की गई।
अभी एक दिन और लंदन में ही रुकेंगे पीएम शरीफ
देश में जारी हिंसक माहौल के बीच प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने लंदन प्रवास को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने इमरान खान पर हमला करते हुए एक ट्वीट में कहा, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपकी राजनीति घोर झूठ, असत्य, यू-टर्न और सरकारी संस्थानों पर क्रूर हमलों को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में चल रहे मुकदमे के दौरान इमरान खान कानूनी और राजनीतिक प्रणाली को उथल-पुथल करने के लिए सच्चाई का दावा कर रहे हैं। शहबाज ने आरोप लगाया कि खान न्यायपालिका को अपनी सनक के आगे झुकाने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे कानून के नियम उन पर लागू ही नहीं होते। उन्होंने कहा कि मैंने अपने ट्वीट में आपके बारे में जो कहा वह पिछले कुछ वर्षों के तथ्यों से साबित होता है।
शरीफ ने बताया कि खान की राजनीति में संसदीय अविश्वास मत के माध्यम से प्रधानमंत्री के रूप में उनके पिछले साल के निष्कासन के बाद एक संस्था के रूप में सेना को बदनाम करना उनके पुराने राजनीतिक नमूनों में से एक है। शरीफ ने खान से उनके पहले के ट्वीट्स पर जवाबी हमला करते हुए पूछा, क्या आपने अपनी राजनीति के लिए वजीराबाद हमले से काफी पहले सेना और खुफिया एजेंसी के नेतृत्व को लगातार कीचड़ उछालने का काम नहीं किया था?
उन्होंने कहा कि पीटीआई प्रमुख ने संघीय सरकार द्वारी दी गई सहयोग की पेशकश से इनकार कर दिया और कानूनी कार्यवाही का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि खान को हमले के बारे में सच्चाई का पता लगाने में कभी दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन उन्होंने इस घटना का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया। उन्होंने इमरान खान से पूछा, लगभग रोजाना धमकियां देने और निराधार आरोप लगाने के अलावा आपने कौन सा कानूनी रास्ता अपनाया?