दिसंबर में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार द्वारा इमरान खान की पीटीआई के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए एक वार्ता समिति बनाने की बात कही थी। वहीं, इमरान खान ने सरकार के साथ वार्ता की सफलता के लिए अपनी पार्टी की मांगों को भी आगे बढ़ाया था।
पाकिस्तान के पीएम शहबाज ने इमरान खान की पार्टी के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है। इतना ही नहीं उन्होंने देश के वर्तमान मुद्दों के समाधान के लिए एक संसदीय समिति गठित करने की भी पेशकश की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघीय कैबिनेट की बैठक के दौरान उन्होंने पीटीआई के साथ हुई पुरानी वार्ता का भी जिक्र किया।
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उन्होंने कहा कि इमरान खान की पार्टी ने नेशनल असेंबली स्पीकर के जरिये अपनी लिखित मांगें पेश की थीं। सरकार भी इन मांगों पर लिखित रूप में जवाब देने वाली थी। हालाँकि, पीटीआई ने बाद में 28 जनवरी को निर्धारित बैठक रद्द कर दी।
बैठक के दौरान शहबाज़ शरीफ़ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लिखित मांगों का जवाब लिखित रूप में देना तर्कसंगत है। उन्होंने बताया कि 2018 में चुनावों के बाद, जब विपक्ष काली पट्टी बांधकर संसद में दाखिल हुआ, तो पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम इमरान खान ने चुनाव से संबंधित चिंताओं की जांच के लिए एक संसदीय समिति का गठन करने की पहल की थी। पीटीआई ने कभी न्यायिक आयोग का गठन नहीं किया, बल्कि एक समिति का गठन किया। इस दौरान शहबाज शरीफ ने पीटीआई से बातचीत फिर से शुरू करने और 2018 और 2024 में हुए चुनावों की जांच करने और तथ्य सामने लाने के लिए एक नई समिति बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
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इससे पहले बुधवार को पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर खान ने सरकार पर जानबूझकर बातचीत से बचने और न्यायिक आयोग की स्थापना की पार्टी की मांग को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। रावलपिंडी कचहरी के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पीटीआई ने औपचारिक रूप से सरकार से उनकी प्रमुख चिंताओं के समाधान के लिए एक न्यायिक आयोग स्थापित करने का अनुरोध किया था। हालाँकि, सरकार ने उनकी मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
वहीं, दिसंबर में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार द्वारा इमरान खान की पीटीआई के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए एक वार्ता समिति बनाने की बात कही थी। वहीं, इमरान खान ने सरकार के साथ वार्ता की सफलता के लिए अपनी पार्टी की मांगों को भी आगे बढ़ाया था। इनमें उनकी पार्टी के सभी विचाराधीन राजनीतिक कैदियों की रिहाई और इस साल 9 मई, 2023 और 26 नवंबर की घटनाओं की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन शामिल है।