पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी समरकंद यात्रा के दौरान रूस यात्रा के लिए राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन का आमंत्रण स्वीकार किया। रूस यात्रा से पहले नवंबर में वे चीन की यात्रा पर जाएंगे। पाकिस्तानी पर्यवेक्षकों के मुताबिक शहबाज शरीफ के इस फैसले से यह धारणा टूटेगी कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद पाकिस्तान अमेरिका के विरोधी देशों से दूरी बनाएगा।
इससे अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंधों का फिर से मजबूत करने की चल रही प्रक्रिया पर भी नए सवाल उठेंगे। इसी प्रक्रिया के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के एक विशेष सलाहकार ने हाल में पाकिस्तान की यात्रा की। उधर अमेरिका ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए 45 करोड़ डॉलर की कीमत के पुर्जों की बिक्री का एलान किया। समझा जाता है कि आईएमएफ से कर्ज की नई किस्त दिलवाने में भी अमेरिका ने पाकिस्तान की मदद की।
शहबाज शरीफ शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेने उज्बेकिस्तान के शहर समरकंद गए थे। वहां उनकी पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता हुई। शहबाज शरीफ से अपनी मुलाकात के बाद शी जिनपिंग ने उन्हें व्यावहारिक और कुशल व्यक्ति बताया। उधर पुतिन की तारीफ करते हुए शरीफ ने उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया, जो अपने वादों को पूरा करता है। शरीफ ने रूस को ‘महाशक्ति’ कह कर संबोधित किया। अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपने एक विश्लेषण कहा है कि रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के साथ शहबाज शरीफ की वार्ताओं से यह संकेत मिला है कि पाकिस्तान की पुरानी विदेश नीति जारी है, जिसमें अलग-अलग पक्षों को समान महत्त्व दिया जाता है।
चीन से पाकिस्तान के पुराने घनिष्ठ संबंध हैं। लेकिन इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद रूस के साथ भी मेलमिलाप की प्रक्रिया शुरू की। अब पर्यवेक्षकों ने कहा है कि रूस से बेहतर रिश्ते रखने पर अब पाकिस्तान में संभवतः आम सहमति बन गई है, जिसमें देश का ऐस्टैबलिशमेंट (सेना-खुफिया नेतृत्व) भी शामिल है। शहबाज शरीफ से मुलाकात के बाद पुतिन ने पाकिस्तान को दक्षिण एशिया और कुल मिला कर पूरे एशिया में अपना प्रायोरिटी पार्टनर बताया। उन्होंने कहा दोनों देशों के रिश्ते सकारात्मक ढंग से विकसित हो रहे हैं और इसकी हमें खुशी है। पुतिन के साथ बैठक के दौरान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी मौजूद थे। बाद में एक ट्विट में उन्होंने कहा कि पुतिन के साथ प्रधानमंत्री शरीफ की बातचीत बेहद कामयाब रही।
उधर शी जिनपिंग के साथ मुलाकात में शहबाज शरीफ ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव की तारीफ की। उन्होंने चीन और पाकिस्तान के टिकाऊ रिश्तों की चर्चा करते हुए इन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। पर्यवेक्षकों का अनुमान है कि यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका को पसंद नहीं आएगा। जिस समय अमेरिका की प्राथमिकता खास कर रूस और व्लादीमीर पुतिन को दुनिया में अलग-थलग करने की है, पाकिस्तान का उसे इतना महत्त्व देना उसे अपने मकसद के खिलाफ महसूस होगा। इससे अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में फिर से तनाव पैदा हो सकता है।