अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस्लामाबाद में एक विशाल रैली में शामिल हुए। यहां उन्होंने विपक्ष पर जबरदस्त हमले बोले। इमरान ने रैली में साफ कर दिया कि वे इस्तीफा नहीं देंगे।, उन्होंने कहा, "हम जब पांच साल मुकम्मल करेंगे तब पूरा देश देखेगा कि किसी सरकार ने पाकिस्तान को इतनी तेजी से नहीं बढ़ाया। मैं विकास के लिए सियासत में आया। यह पाकिस्तान एक नजरिए से बना है, लेकिन यहां लोगों को खरीदने की कोशिश हो रही है।" इमरान ने कहा कि उन्हें पता है कि कौन सी विदेश ताकतें उनकी सरकार को गिराने के लिए विपक्ष की मदद कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने अपने पूरे भाषण में किसी भी देश का नाम नहीं लिया।
विपक्ष पर जबरदस्त हमले बोले
इमरान खान ने इशारों में बिलावल भुट्टो, मरियम नवाज और मौलाना फजल-उर-रहमान पर निशाना साधते हुए कहा, "ये तीन चूहे तीस साल से मिलकर देश का खून चूस रहे हैं। इनकी प्रॉपर्टी रुपये की नहीं डॉलर की है। ये सारा ड्रामा हो रहा है कि किसी तरह जनरल मुशर्रफ की तरफ इमरान खान इन सबको एनआरओ दे दे। पहले दिन से ब्लैकमेल करने की कोशिश है। जब मौका मिलता है हुकूमत को गिराने की कोशिश करते हैं। जनरल मुशर्रफ ने जो इस कौम पर जुल्म किया। अपनी कुर्सी बचाने के लिए उसने इस मुल्क के चोरों को एनआरओ दिया। आज जो हम बोझ उठा रहे हैं, हम जो इनके कर्जों की किस्तें अदा कर रहे हैं, वो सिर्फ मुशर्रफ के कामों की वजह से। इमरान खान की हुकूमत जाती है जाए, जान जाती है जाए, लेकिन इमरान खान इन्हें कभी माफ नहीं करेगा। "
विपक्ष पर आगे निशाना साधते हुए इमरान ने कहा, "अगर मरियम बीबी, जिसने जिंदगी में एक घंटे का काम नहीं किया और टांगे कांपने वाले, जिसको 14 साल में ऊर्दू बोलनी नहीं आई। वो कहता है कि मैंने नेता बनना है। आसिफ जरदारी को उसको थोड़ा पढ़ाना चाहिए था। बिलावल कहता है कि अगर नैब ने मुझे बुलाया तो... मैं पूछता हूं क्या करोगे, तो कहता है मैं रो दूंगा। इन्हें फुर्सत कैसे मिले, इनको पाकिस्तान की फिक्र क्यों हो? ये नस्लों के लिए लंदन की तैयारी कर रहे हैं।"
'जुल्फिकार भुट्टो को जिन्होंने फांसी दिलाई, उन्हीं के साथ हो गए जरदारी'
पाक पीएम बोले- "हमारे मुल्क को पुराने नेताओं की करतूतों की वजह से धमिकयां मिलती रहीं। हमारे मुल्क में मुल्क के अंदर मौजूद लोगों की मदद से हुकूमतें तब्दील की जाती रहीं। जुल्फिकार अली भुट्टो उसने जब मुल्क को आजाद विदेश नीति देने की कोशिश की, भुट्टो से मेरे काफी मतभेद रहे, लेकिन उसकी खुद्दारी मुझे पसंद थी। जब उसने मुल्क को आजाद विदेश नीति देने की कोशिश की तो फजल-उर-रहमान और भगौड़े नवाज शरीफ, इनकी उस वक्त की पार्टियों ने जुल्फिकार भुट्टो के खिलाफ तहरीक चलाई और आज जैसे हालात बना दिए गए मुल्क में। उन हालात की वजह से भुट्टो को फांसी दी गई।"
इमरान ने कहा, "आज उसी भुट्टो के दामाद- आसिफ जरदारी सबसे बड़ी बीमारी और उसका नवासा जिसकी टांगें कांप रही हैं। दोनों कुर्सी के लालच में अपने नाना की कुर्बानी को भुलाकर उसके कातिलों के साथ बैठे हुए हैं और उनकी वकालत कर रहे हैं। शर्म नहीं आती कि सियासत करनी है नाना के ऊपर, लेकिन जिसने उन्हें सजा दिलवाई थी, उसके साथ ही मिल रहे हैं अब। शर्म करो।"
'हमारी सरकार गिराने के लिए बाहर से आ रहा पैसा'
मुल्क को आज फिर उन्हीं हालात में रख दिया गया है। मुल्क की विदेश नीति जो है, उसे मरोड़ने की कोशिश बाहर से की जा रही है। इस साजिश का हमें पिछले महीनों से पता है कि ये साजिश हो रही है। ये जो आज सब इकट्ठा हो गए हैं। ये जो आज कातिल इकट्ठे हो गए हैं। इन्हें इकट्ठे करने वालों का भी हमें पता है। लेकिन आज वो जुल्फिकार अली भुट्टो वाला समय नहीं। वक्त बदल चुका है।
वक्त कैसे बदला है- ये है सोशल मीडिया का जमाना। कोई चीज नहीं छुपती। तो पाकिस्तानी कौम बेदार है। हम किसी की गुलामी कबूल नहीं करेंगे। हम सबसे दोस्ती करेंगे, गुलामी नहीं करेंगे। हमारे मुल्क में बाहर के पैसे की मदद से हुकूमत तब्दील करने की कोशिश हो रही है। पैसा बाहर से है, लोग हमारे इस्तेमाल हो रहे हैं। ज्यादातर अंजाने में, लेकिन कुछ जानबूझकर, ये पैसा हमारे खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं।
हमें पता है कि हम पर बाहर से कहां से दबाव डालने की कोशिश हो रही है। लेकिन हमारे मुल्क की मफाद में लिखकर धमकी दी गई है। पाकिस्तान में बैठे किरदार आखिर किस के कहने पर चल रहे हैं। लंदन में बैठा गोलू किसके कहने पर काम कर रहा है। हमारे पास जो सबूत हैं। हर चीज को मैं जाहिर कर रहा हूं। मैं कोई ऐसी बात नहीं करता जिससे मेरे मुल्क को नुकसान पहुंचे। मुझे किसका डर है।
रैली में हजारों की संख्या में जुटे लोग
इस रैली में रविवार को हजारों की संख्या में लोग जुटे। इमरान सरकार ने विभिन्न शहरों से उनके समर्थकों के यहां पहुंचने के लिए विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया है। इस रैली को अविश्वास प्रस्ताव पेश होने से पहले इमरान का शक्ति प्रदर्शन कहा जा रहा है। इमरान खान सरकार द्वारा अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लाहौर और अन्य शहरों से लाने के लिए पाकिस्तान रेलवे से विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है। खान के हजारों समर्थक ट्रेनों, सार्वजनिक वाहनों और निजी कारों से सत्तारूढ़ दल की ऐतिहासिक रैली में शामिल होने पहुंचे। खान की पार्टी का कारवां कराची, लाहौर, पेशावर और अन्य शहरों से पहुंचा है और रैली में शामिल होने के लिए यह परेड ग्राउंड पहुंचा।
गौरतलब है कि इमरान खान एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। खान के सहयोगी दल उनसे किनारा कर रहे हैं जबकि उनकी पार्टी के करीब दो दर्जन सांसद उनके खिलाफ बगावत कर रहे हैं। खान (69) की पार्टी के 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में 155 सदस्य हैं और सरकार में बने रहने के लिए कम से कम 172 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।
विपक्ष ने भी कसी है कमर
इससे अलग, सोमवार को इस्लामाबाद में विपक्षी दलों का गठबंधन, पाकिस्तान डेमाक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम)भी एक राजनीतिक कार्यक्रम करने वाला है। पीडीएम में जमियत ए इस्लाम फज्ल और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज शामिल हैं। पीडीएम ने एक दिन बाद अपना शक्ति प्रदर्शन करने का निर्णय किया है जो नेशनल असेंबली के सत्र के साथ-साथ होगा, जब सदन में औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाने वाला है।
वहीं, पीएमएल-एन उपाध्यक्ष मरियम नवाज और उनकी करीबी रिश्तेदार हमजा शहबाज (शहबाज शरीफ की बेटी) के नेतृतव में शनिवार को लाहौर से एक अन्य बड़ा विरोध मार्च शुरू किया गया। विपक्षी रैली में शामिल होने के लिए जीटी रोड होते हुए इसके सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है। मरियम ने अपने समर्थकों से कहा, ‘‘यह (मार्च) इमरान खान नीत सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।’’