ऑडियो क्लिप लीक कांड से न सिर्फ सत्ताधारी गठबंधन की प्रमुख पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) बल्कि पाकिस्तान की पूरी सरकारी सुरक्षा व्यवस्था हिल गई है। इस कांड ने प्रधानमंत्री कार्यालय की सुरक्षा को लेकर देश में गहरी चिंता पैदा कर दी है। उधर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के परिवार से जुड़ी शख्सियतों की साख पर इससे कलंक और गहराया है।
पहले एक ऑडियो क्लिप पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री फव्वाद चौधरी ने जारी किया। उसके बाद रविवार को सोशल मीडिया पर कई और ऑडियो क्लिप वायरल हो गए। चौधरी ने जो क्लिप जारी किया, उसमें खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और एक वरिष्ठ अधिकारी के बीच बातचीत होती सुनी गई है। उसमें प्रधानमंत्री पीएमएल- नवाज की उपाध्यक्ष और अपनी भतीजी मरियम नवाज के लिए भारत से मशीनों के आयात के बारे में जानकारी लेते सुने गए हैं।
शरीफ ने अधिकारी से कहा कि मरियम अपने बेटे राहिल के अनुरोध पर भारत से कुछ मशीनें मंगवाना चाहती हैं। इस पर अधिकारी ने उन्हें जानकारी दी कि उनमें से आधी मशीनें पाकिस्तान आ चुकी हैं, जबकि बाकी मशीनों का इंतजार है। लेकिन अधिकारी ने प्रधानमंत्री को इस बात से आगाह किया कि ये मामला बहुत गंभीर है। चूंकि मशीनें प्रधानमंत्री के रिश्तेदार के लिए मंगवाई जा रही हैं, इसलिए अगर इस बात की जानकारी संघीय मंत्रिमंडल और उसकी आर्थिक समन्वय समिति (ईसीसी) को मिली, तो इसको लेकर बड़ा हंगामा खड़ा हो सकता है। इस बात से संकेत मिला है कि शहबाज शरीफ अपनी सरकार के सहयोगियों को अंधेरे में रख कर अपने परिवार के स्वार्थ साध रह हैं।
एक दूसरा ऑडियो क्लिप रविवार को सामने आया, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राना सनाउल्लाह, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, कानून मंत्री आजम तरार और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर अयाज सादिक की आवाज सुनी गई। बताया जाता है कि संघीय मंत्रिमंडल की बैठक की रिकॉर्डिंग है। उस बैठक में पीटीआई सांसदों के इस्तीफे को मंजूर करने का अंतिम फैसला लिया गया था।
एक तीसरे ऑडियो क्लिप में मरियम नवाज और शहबाज शरीफ बात करते सुने गए हैं। इसमें मरियम किसी व्यक्ति के प्रति आभार जताती सुनी गईं, जो उनके कहने पर खबरों को छपवाने या खबर को रोकने में मदद कर रहा है। इसमें वे वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल के खिलाफ गुस्से में बात करती भी सुनी गईं, जिनकी अर्थव्यवस्था को ठीक से ना संभालने के लिए आलोचना होती रही है। इस्माइल ने रविवार को अपना पद छोड़ने का एलान किया। उनकी जगह इशहाक डार को वित्त मंत्री बनाने का फैसला हुआ है।
फव्वाद चौधरी ने एक ट्विट में कहा कि इन ऑडियो क्लिप्स से दो सियासी मुद्दे सामने आए हैं, वो तो दीगर हैं। लेकिन उससे भी बड़ा मुद्दा यह सामने आया है कि अब सुरक्षा या विदेश नीति संबंधी गोपनीय चर्चाओं को पाकिस्तान में कोई भी सुन सकता है। पीटीआई की नेता और पूर्व मंत्री शिरीन मजारी ने भी कहा है कि इससे प्रधानमंत्री कार्यालय की सुरक्षा भंग हुई है। उन्होंने पूछा- आखिर प्रधानमंत्री कार्यालय की जासूसी किसने की और किसके कहने पर ऐसा किया गया? विश्लेषकों ने इस घटना को सियासत के साथ-साथ प्रशासन पर भी शहबाज शरीफ की पकड़ कमजोर होने का संकेत माना है।
इशाक डार बनाए गए पाकिस्तान के नए वित्त मंत्री
इस बीच पाकिस्तान ने बुधवार को इशाक डार (72) को वित्त मंत्री पद सौंपा है। वह तीन बार पहले भी यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उनके सामने देश की अर्थव्यवस्था को संकट से निकालने और अभूतपूर्व बाढ़ के प्रभावों से निपटने की चुनौती है। भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद वह पांच साल से ब्रिटेन में स्व:निर्वासन में थे।