प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग
- फोटो : एएनआई
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की साजिश रचने के बाद भी पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है। अब उसने एक और चाल चली है। दरअसल पाकिस्तान, चीन की मदद से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश होने वाले पहलगाम ड्राफ्ट से आतंकी संगठन टीआरएफ का नाम हटाने की साजिश रच रहा है। पाकिस्तान इस समय यूएनएससी में गैर स्थायी श्रेणी में सदस्य है और अपनी इस स्थिति का लाभ उठाने के लिए पाकिस्तान पहलगाम हमले में अपनी जवाबदेही से बचना चाहता है।
टीआरएफ, आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का मुखौटा संगठन
दरअसल टीआरएफ को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का मुखौटा संगठन माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान को डर है कि अगर यूएनएससी में पहलगाम ड्राफ्ट में टीआरएफ का नाम हुआ तो वह फंस सकता है और उस पर टीआरएफ के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बन सकता है। ऐसे में पाकिस्तान ने नापाक चाल चलते हुए ड्राफ्ट से ही टीआरएफ का नाम हटाने की साजिश रची है और इस काम में उसने अपने पुराने साथी चीन की मदद मांगी है। पाकिस्तान की कोशिश है कि पहलगाम हमले को कश्मीर में विद्रोह की घटना से जोड़कर दिखाया जाए। भारत के सख्त रवैये के बाद पाकिस्तान घबराया हुआ भी है और उसने कहा है कि वह पहलगाम हमले की तटस्थ पक्ष द्वारा निष्पक्ष जांच कराने के लिए तैयार है। साफ है कि पाकिस्तान कूटनीतिक दांव-पेंच के जरिए पहलगाम हमले से अपनी जवाबदेही को खत्म करना चाहता है।
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शुरुआती ड्राफ्ट में टीआरएफ का नाम शामिल
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम ड्राफ्ट की शुरुआती रिपोर्ट में टीआरएफ का नाम शामिल है और टीआरएफ ने भी पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन पाकिस्तान अब टीआरएफ के नाम को ड्राफ्ट से हटवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। बीती 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले के बाद भारत ने सख्त रवैया अपनाते हुए पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया। साथ ही भारत ने अटारी सीमा पर स्थित एकीकृत चेक पोस्ट, सार्क वीजा योजना भी स्थगित कर दिया है। साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का फरमान सुना दिया गया है।
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पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने चीन मिलाया फोन
रविवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से टेलीफोन पर बात भी की है। इस बातचीत में इशाक डार ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की और भारत पर बिना सबूतों के पाकिस्तान पर आरोप लगाने का दावा किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी विदेश मंत्री ने कहा है कि चीन बारीकी से पूरे हालात पर नजर रखे हुए है। चीन ने भी पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि दोनों देश संयम बरतेंगे।
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