सिंध अबदगर बोर्ड (एसएबी) के स्थानीय नेताओं और छोटे उत्पादकों ने सिंध सरकार से अफगानिस्तान में चोरी छिपे गेहूं भेजने वालों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर इस तस्करी को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में गेहूं की मारा-मारी देखने को मिलेगी। इसलिए सही समय पर इसपर लगाम लगानी चाहिए।
एक लाख मिलती है रिश्वत
उन्होंने जल्द से जल्द खाद्य और जिला प्रशासन के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जो हैदराबाद, मिरपुरखास, शाहीद बेनजीरबाद, सक्कुर और लरकाना क्षेत्र से अफगानिस्तान में गेहूं की अवैध आवाजाही में कथित रूप से शामिल हैं। इन लोगों का कहना है कि बड़े व्यवसायी अधिकारियों को प्रति वाहन 75 हजार से एक लाख रुपये तक रिश्वत दे रहे हैं।
हर दिन 200 वाहन की आवाजाही
लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक मार्च से हर दिन गेहूं से लदे भारी 200 वाहन दादू जिले के जोही, खैरपुर नाथन शाह, मेहर और दादू तालुका से अफगानिस्तान जा रहे हैं। खाद्य विभाग व जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के अधिकारी उन्हें सीमा पार करने में मदद करते हैं। दादू तालुका के गेहूं उत्पादक मोहम्मद सलीह पन्ह-वार ने कहा कि प्रति वाहन एक लाख रुपये तक इन लोगों को रिश्वत दी जाती है। वहीं, एक अन्य गेहूं उत्पादक ने आरोप लगाया कि स्थानीय खाद्य अधिकारी और दादू प्रशासन के अधिकारी गेहूं से लदे वाहनों की जांच के बहाने रिश्वत लेते हैं।
अधिकारी का बयान
इस मामले में सिंध खाद्य विभाग के निदेशक सैयद इमदाद शाह ने कहा कि गेहूं तस्करी में शामिल लोगों के लाइसेंस 2023 की खरीद सीजन में 90 दिनों के लिए निलंबित कर दिए जाएंगे।
एक अप्रैल को हुई थी भगदड़ की घटना
गौरतलब है, इससे पहले एक अप्रैल को पाकिस्तान के कराची में फ्री राशन को लेकर भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में मरने वालों की संख्या 12 बताई गई थी। इसमें 9 महिलाएं शामिल थीं। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कराची के नॉरिस चौरंगी में रंगाई कारखाने में गरीबों को फ्री का राशन बांटा जा रहा था। इसी दौरान भगदड़ मच गई थी। इसमें दर्जन भर लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए थे।