प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तानी कंपनियों के बीच सहयोग की सराहना की और इसे पाकिस्तान में दोहराने की इच्छा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान के अधिकारी अब आर्थिक संकट से निपटने के लिए 'भीख का कटोरा' लेकर भाईचारे वाले देशों का दौरा नहीं करेंगे। शरीफ ने यह टिप्पणी संयुक्त अरब अमीरात की एक दिवसीय यात्रा के दौरान की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच लंबे समय से धार्मिक-सांस्कृतिक भाईचारापूर्ण संबंध हैं।
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शरीफ ने कहा, वे दिन गए जब मैं अपने भाईचारे वाले देशों में भीख का कटोरा लेकर जाता था। मैंने वह कटोरा तोड़ दिया है। उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को संबोधित करते हुए कहा, मेरे प्यारे भाई, आपने अपने महान पिता की तरह पाकिस्तान का समर्थन किया है। लेकिन आज मैं इस महान देश में ऋण मांगने के लिए नहीं बल्कि सहयोग और निवेश की तलाश में आया हूं। हालांकि, कार्यक्रम में यूएई के राष्ट्रपति किसी अहम कार्य के चलते मौजूद नहीं थे।
आईटी कौशल और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तानी कंपनियों के बीच सहयोग की सराहना की और इसे पाकिस्तान में दोहराने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा, पाकिस्तान की 60 प्रतिशत आबादी युवा है। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए आईटी कौशल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। शरीफ ने निर्यात बढ़ाने के लिए कृषि, खानों और खनिजों और उद्योग सहित पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ाने पर भी जोर दिया।