राजनीतिक अस्थिरता के कारण सुर्खियों में रहने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान आगामी आम चुनाव की तैयारियों के कारण सुर्खियों में है। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी चर्चा में है। बीते 9 मई को हुई हिंसा के आरोप में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को देश के सुरक्षाबलों ने सलाखों के पीछे भेज दिया। पाकिस्तान की एक अन्य अहम घटना भी देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से जुड़ी है। खबरों के मुताबिक आगामी आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले शरीफ खुद पर से 'सेना का लाडला' टैग हटाना चाहते हैं।
नवाज शरीफ के संबंध में आई पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ ने अपनी पार्टी की नई घोषणापत्र समिति को इसका समाधान तलाशने का निर्देश दिया है। रविवार की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले वे इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं। नवाज अपने राजनीतिक विरोधियों की आलोचना से परेशान हैं। प्रतिद्वंद्वी नेता इमरान खान की पार्टी- पीटीआई उन्हें शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान का "लाडला" (Blue Eyed) बताती है। इससे परेशान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ 8 फरवरी के चुनाव से पहले इस धारणा को कमजोर करने के इच्छुक हैं।"
पीएमएल-एन ने शनिवार को 30 उप-समितियां भी गठित कीं और उनसे एक नया घोषणापत्र तैयार करने के लिए 20 नवंबर तक सिफारिशें देने को कहा। जनता को आकर्षित करने के लिए लोकलुभावन वादे करने की तैयारियां हो रही हैं। बता दें कि 73 वर्षीय पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता नवाज शरीफ चार साल के आत्म-निर्वासन के बाद 21 अक्टूबर को लंदन से पाकिस्तान लौटे हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने वतन वापसी के बाद जैसी रैली की, वह अपनी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आम चुनाव 8 फरवरी, 2024 को प्रस्तावित हैं।
शरीफ सैन्य तख्तापलट की आशंका वाले देश के रूप में बदनाम- पाकिस्तान में रिकॉर्ड तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले एकमात्र पाकिस्तानी राजनेता हैं। पीएमएलएन के अंदरूनी सूत्र ने कहा, नवाज ने पार्टी की नई घोषणापत्र समिति को 'सैन्य प्रतिष्ठान की पार्टी' और लाडला होने की धारणा का मुकाबला करने के लिए एक नई कहानी या नैरेटिव पेश करने का निर्देश दिया है।
खबरों के अनुसार विगत मई महीने में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के सिलसिले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के 100 से अधिक समर्थकों को पकड़ा गया है। लाहौर पुलिस ने बताया कि शनिवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में लाहौर कोर कमांडर हाउस और अस्करी टॉवर (कथित तौर पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के बेटे के स्वामित्व वाले) पर हमलों में वांछित 105 पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। बता दें कि इमरान फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं।
गौरतलब है कि 9 मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से अर्धसैनिक रेंजर्स ने इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया।