पाकिस्तान में मतदान के बाद से सत्ता के लिए संघर्ष जारी है। इस बीच पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की पार्टी के एक वरिष्ठ नेता इशाक डार ने कहा कि निर्वाचित संसद का पहला सत्र 29 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। सत्र बुलाकर संवैधानिक आवश्यकताओं को कानून के अनुसार पूरा किया जाएगा। पाकिस्तानी कानून के अनुसार, नवनिर्वाचित संसद का पहला सत्र आम चुनाव के 21 दिनों के भीतर बुलाया जाना चाहिए। चूंकि मतदान 8 फरवरी को हुए थे, इसलिए बैठक कानून के अनुसार 29 फरवरी तक होनी चाहिए।
राष्ट्रपति ने अब तक स्वीकार नहीं किया प्रस्ताव
पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता इशाक डार ने कहा कि संविधान के अनुसार संसद की बैठक 29 फरवरी को होगी। पाकिस्तानी कानून मंत्रालय ने नियामानुसार, सत्र बुलाने के प्रस्ताव के साथ राष्ट्रपति को एक सारांश भेज दिया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक इसे मंजूर नहीं किया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी पर आरोप लगते हैं कि उनका झुकाव पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की ओर है। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति कह रहे हैं कि कुछ आरक्षित सीटों का आवंटन अभी तक नहीं हुआ है, इसलिए निचला सदन अभी भी अधूरा है। प्रस्ताव मंजूर ने होने के कारण विशेषज्ञ इसे संवैधानिक संकट कह रहे हैं।
स्पीकर भी बुला सकते हैं संसद सत्र
हालांकि, डार का कहना है कि अगर राष्ट्रपति किसी कानूनी नियमों के आधार पर प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं तो नेशनल असेंबली के स्पीकर 29 फरवरी को सत्र बुला सकते हैं। कार्यवाहक सूचना मंत्री मुर्तजा सोलांगी ने हाल में बताया था कि नवनिर्वाचित असेंबली का पहला सत्र 22 फरवरी से 29 फरवरी के बीच कभी भी बुलाया जा सकता है। बता दे, पंजाब और सिंध की प्रांतीय विधानसभाओं ने पहले ही अपने उद्घाटन सत्र बुला लिए हैं। खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की विधानसभाओं की पहली बैठक 28 फरवरी को होने की उम्मीद है।
पाकिस्तान को नौ मार्च तक मिल सकता है नया राष्ट्रपति
प्रधानमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान के बीच निर्वाचन आयोग (ईसीपी) नौ मार्च तक राष्ट्रपति चुनाव भी करा सकता है। इसकी संभावना इसलिए भी मजबूत है, क्योंकि उच्च सदन सीनेट के आधे सांसदों के छह वर्ष का कार्यकाल 11 मार्च को पूरा हो रहा है।