पाकिस्तान की नई सरकार ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई हाईप्रोफाइल लोगों के नाम 'नो फ्लाइ लिस्ट' से निकाल दिए हैं। पिछले सप्ताह हुई अपनी पहली बैठक में कैबिनेट ने देश के आंतरिक मंत्रालय को यह निर्देश दिया था कि वह एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) की समीक्षा करे।
इस लिस्ट में उन लोगों के नाम होते हैं जिन्हें देश से बाहर जाने की अनुमति नहीं होती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आंतरिक मंत्रालय ने उन लोगों के नाम ईसीएल से हटाने के लिए अधिसूचना जारी करनी शुरू कर दी थी, जो बिना किसी उचित कारण के 120 दिन से इसमें शामिल थे। यह मंत्रालय इस समय राणा सनाउल्लाह के पास है।
प्रधानमंत्री शरीफ और उनकी पत्नी समेत इन्हें मिली राहत
जिन लोगों को अब बिना किसी रुकावट के अब देश के बाहर जाने की अनुमति दे दी गई है उनमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उनकी पत्नी नुसरत शहबाज, उनकी भतीजी मरयम नवाज, पूर्व प्रीमियर शाहित खकान अब्बासी, उनके बेटे अब्दुल्ला खकान और वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल शामिल हैं।
इससे पहले शुक्रवार को राणा सनाउल्लाह ने कहा था कि ईसीएल में कई लोगों के नाम राजनीतिक बदले के रूप में रख दिए गए थे। उन्होंने बताया था कि ईसीएल ब्लैकलिस्ट में 4863 लोगों के नाम हैं और प्रोविजनल नेशनल अनंतिम राष्ट्रीय पहचान सूची (पीएनआईएल) में 30 हजार लोगों के नाम हैं।
सनाउल्लाह ने कहा था कि ईसीएल के नियम संशोधित किए गए हैं जिसका सीधे तौर पर 3500 लोगों को लाभ मिलेगा।
विपक्ष को दबाने के लिए होता आया है इस सूची का इस्तेमाल
पाकिस्तान के अधिकारी उन लोगों की विभिन्न श्रेणियां बनाते हैं जिन पर विभिन्न कारणों से देश से बाहर जाने पर प्रतिबंध है। इसमें भ्रष्टाचार के मामलों के आरोपी भी शामिल हैं। लेकिन, इस देश की पिछली सरकारें इस महत्वपूर्ण सूची का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए करती रही हैं।
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने राष्ट्रपति अल्वी पर निशाना साधा
पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्ला ने कैबिनेट सदस्यों को शपथ दिलाने में आना-कानी कर रहे राष्ट्रपति आरिफ अल्वी पर शनिवार को जमकर निशाना साधा और कहा कि राष्ट्रपति को खुद को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गुलामी की जंजीरों से आजाद कर लेना चाहिए। पंजाब प्रांत के गवर्नर द्वारा वहां के मुख्यमंत्री को शपथ दिलाए जाने में देरी और इस कार्य के लिए राष्ट्रपति अल्वी द्वारा प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किए जाने की पृष्ठभूमि में सनाउल्ला ने यह बयान दिया है।