पाकिस्तान को वर्ष 2022 के लिए ग्रुप-77 का अध्यक्ष चुना गया है। कर्ज पुनर्संरचना, रियायती वित्त, पर्यावरण के लिए धन के इंतजाम, गलत तरीके से धन प्रवाह रोकने जैसे वादों के आधार पर उसे यह जिम्मेदारी मिलेगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि ग्रुप-77 और चीन की वर्चुअल बैठक के दौरान यह चुनाव हुआ। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पाकिस्तान पर विश्वास जताने के लिए इसके 134 सदस्यों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कोविड-19 महामारी और इसके प्रभाव, संयुक्त राष्ट्र के एजेंडा-2030 की चुनौती और सतत विकास के साथ पर्यावरण के लिए उपजे खतरे से निपटने पर बल दिया। उन्होंने समान विकास के लिए विकासशील देशों तक वित्तीय संसाधनों की पहुंच पर जोर दिया। कुरैशी ने ग्रुप में पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान उधार पुनर्संरचना, विकासशील देशों में 650 अरब अमेरिकी डॉलर के फंड के वितरण की नई व्यवस्था लागू करने की जरूरत बताई।
उन्होंने विकसित देशों के वातावरण सुधार के लिए विकासशील देशों को वार्षिक 100 अरब डॉलर की मदद देने, विकासशील देशों से गलत तरीके और संपत्तियां चोरी से आने वाले धन पर रोक लगवाने, सुसंगत अंतरराष्ट्रीय कर व्यवस्था, समान और खुली व्यापार प्रणाली के विकास के लिए काम करने का वादा किया।
भारतीय तीर्थयात्रियों का वीजा जारी
इस बीच पाकिस्तान उच्चायोग ने बुधवार को कहा कि उसने 136 भारतीय तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए वीजा जारी किए हैं। भारतीय तीर्थयात्रियों का समूह 4 से 15 दिसंबर तक सिंध के शादानी दरबार हयात पिताफी में शिव अवतारी सतगुरु संत शादाराम साहिब की 313वीं जयंती से संबंधित समारोह में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जा रहा है।