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Pakistan: पाकिस्तान नेशनल असेंबली का पहला सत्र शुरू, कार्यवाहक सरकार से विवाद के बीच मिली राष्ट्रपति से मंजूरी

Thu, 29 Feb 2024 02:29 PM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

नवनिर्वाचित संसद इसका आयोजन करेगी। दरअसल, पूरा मामला पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान की पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को आरक्षित सीटें आवंटित करने से जुड़ा था। इसके चलते राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी का कार्यवाहक सरकार के साथ मतभेद चल रहा था। 
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पाकिस्तान नेशनल असेंबली (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान की नवनिर्वाचित संसद ने गुरुवार को अपना पहला सत्र शुरू कर दिया है। कार्यवाहक सरकार के साथ चल रहे मतभेदों के बाद राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने आखिरकार विधानसभा सत्र बुलाया है। दोनों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को आरक्षित सीटें आवंटित किए जाने के मुद्दे को लेकर विवाद चल रहा था। पिछली संसद के निवर्तमान अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ की अध्यक्षता में उद्घाटन सत्र एक घंटे से अधिक की देरी के बाद शुरू हुआ। 
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पोस्ट में कही ये बात
एक्स अकाउंट पर जारी बयान में कहा गया, 'कुछ आपत्तियों के अधीन, राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 54(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 29 फरवरी को नेशनल असेंबली बुलायी है।'

बता दें कि कि राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 91 (2) में दी गई समयसीमा के जनादेश और निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए और कुछ आरक्षणों के अधीन और 21वें दिन से पहले आरक्षित सीटों के मुद्दे के समाधान की उम्मीद करते हुए अपनी मंजूरी दे दी। 
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गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को अल्वी द्वारा उठाई गई आपत्तियों को सीरे से खारिज कर दिया था। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली सत्र चुनाव के 21 दिनों के भीतर होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 91 के तहत, नेशनल असेंबली के पहले सत्र की जरूरी तारीख 29 फरवरी है।

अल्वी के खिलाफ दो मामले करेंगे दर्ज- बिलावल
इस मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने मगंलवार को कहा कि संविधान की अवज्ञा करने पर अल्वी के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की जाएंगी। बिलावल ने कहा कि राष्ट्रपति अल्वी के खिलाफ दो मामले दर्ज किए जाएंगे। पहला, 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर नेशनल असेंबली को भंग करने के लिए होगा। दूसरा, नेशनल असेंबली सत्र न बुलाकर संविधान की अवज्ञा करने के लिए होगा।
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