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Pakistan: पाकिस्तानी सांसद बोले- ब्रांड मोदी अब भी खत्म नहीं हुआ है, भारत-पाकिस्तान संबंधों पर की बात

Wed, 05 Jun 2024 08:03 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता और सांसद शैरी रहमान ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने आम चुनावों में अपेक्षा से कम सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ब्रांड कम जरूर हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ है।
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पीएम मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत के आम चुनावों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा एक बार फिर सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरा है। एनडीए ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिय है। इस पर पाकिस्तान की सांसद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर भारत-पाकिस्तान संबंधों और अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। 

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता और सांसद शैरी रहमान ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने आम चुनावों में अपेक्षा से कम सीटें जीती हैं। पाकिस्तान भारतीय राजनीति में एक ‘बाहरी’ कारक बन सकता है। ‘क्या असफलता पीएम मोदी को क्षेत्र को स्थिर करने और पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी’ इस पर उन्होंने कहा कि यह चीज तो तभी संभव है कि जब उनके एजेंडे में भारी बदलाव आएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि मोदी ब्रांड कम जरूर हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के चुनाव में पाकिस्तान पर काफी निशाना साधा गया। हालांकि, पाकिस्तान में अब इन मुद्दों पर चुनाव नहीं होते हैं। 

पीपीपी ने भी दी प्रतिक्रिया

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‘क्या इस चुनाव के बाद भारत का अस्तित्व बदल गया है?’ इस पर रहमान ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी। अगले आगामी राज्य चुनावों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं, पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने पीपीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से कहा कि आम चुनावों ने दिखा दिया है कि भारत के लोगों ने नफरत की राजनीतिक को खारिज कर दिया है। 

2019 के बाद से भारत-पाकिस्तान रिश्तों में और खटास
पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में खटास और बढ़ गई। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने इस फैसले से बातचीत करने के माहौल को कमजोर कर दिया। वहीं, भारत ने हमेशा कहा है कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहते हैं लेकिन आतंक और शत्रुता से मुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद की होगी। पाकिस्तान और भारत के बीच रिश्ते हमेशा से तनावपूर्ण रहा है। इसका मुख्य कारण है- कश्मीर मुद्दा और पाकिस्तान को वित्त पोषित करना।

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