लाहौर के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा, 'ईसीपी के निर्वाचन अधिकारियों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान का नेशनल असेंबली की दो सीटों लाहौर (एनए 122) और मियांवाली (एनए-89) के लिए नामांकन पत्र खारिज कर दिया है।
तोशाखाना मामले में इमरान खान को दोषी ठहराए जाने के मुख्य कारण के अलावा उनके नामांकन पत्र के खिलाफ आपत्तियां उठाई गई थीं। इमरान के प्रस्तावक और अनुमोदक संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं थे। हालांकि, इमरान खान की सजा को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दिया था।
लेकिन उनकी अयोग्यता अभी भी बरकरार है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के मियां नसीर द्वारा उठाई गई आपत्तियों में तोशाखाना मामले में इमरान को पांच साल के लिए अयोग्य ठहराए जाने का जिक्र किया गया था, जिसमें चुनाव निकाय ने उन्हें भ्रष्ट गतिविधियों का दोषी पाया था।
इमरान खान और उनकी पार्टी के वरिष्ठ सहयोगी एवं पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी नौ मई के दंगों के बाद से कई मामलों में गिरफ्तारियों का सामना कर रहे हैं और दोनों रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। पाकिस्तान की एक अदालत ने सैन्य प्रतिष्ठानों पर नौ मई को हुए हमले से जुड़े एक नए मामले में कुरैशी को 28 दिसंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
ईसीपी ने मुल्तान की दो सीटों (एनए-150 और पीपी-218) और थारपारकर की सीट (एनए-214) से कुरैशी का नामांकन पत्र भी खारिज कर दिया। पूर्व संघीय मंत्री और पीटीआई नेता हम्माद अजहर का नामांकन पत्र भी सामान्य सीटों के लिए नामांकन पत्रों की जांच के अंतिम दिन उनकी सीट (पीपी-172) से खारिज कर दिया गया। अन्य नेताओं में मुराद सईद, साहिबजादा सिगबुल्लाह, डॉ अमजद खान, फजल हकीम खान, मियां शराफत और सलीम उर रहमान शामिल हैं।
पीटीआई ने की ईसीपी के फैसले की निंदा
वहीं, पीटीआई ने चुनाव आयोग द्वारा इमरान खान और पार्टी के कई अन्य दिग्गजों का नामांकन पत्र खारिज किए जाने की निंदा की। पीटीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, 'प्रस्तावकों और अनुमोदकों का अपहरण करना दुनिया के इस हिस्से में सामान्य बात है। अराजकता की मौजूदा स्थिति निरर्थक है।' उन्होंने कहा, रिटर्निंग अधिकारी उनके करीबी हैं और यही कारण है कि पीटीआई ने न्यायपालिका से रिटर्निंग अधिकारी का अनुरोध किया है, नौकरशाही से नहीं।