इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई पार्टी समर्थकों की एक बड़ी भीड़ ने पूरे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था। हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटे बाद भीड़ कमांडर कोर के आवास और जीएचक्यू में घुस गई थी। इस दौरान उन्होंने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की थी। हालांकि, इमरान दो दिन बाद रिहा हो गए और घर लौट आए हैं। इस बीच, पंजाब प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने कोर कमांडर आवास उर्फ जिन्ना हाउस में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना की जांच के लिए एक संयुक्त पूछताछ दल (जेआईटी) का गठन किया है।
उन्होंने एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिस दौरान प्रांत के महानिरीक्षक (आईजी) ने उन्हें शांति और सुरक्षा की स्थिति पर अपडेट प्रदान किया। आईजी की ओर से अपडेट मिलने के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने जिन्ना हाउस और जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) सहित अन्य सरकारी स्वामित्व वाली इमारतों में तोड़फोड़, आगजनी और घेराबंदी की घटना की जांच के लिए एक जेआईटी का गठन किया।
कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने जेआईटी को घटनाओं की जांच करने और एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया, जिसे सरकार को दिया जाएगा। उन्होंने उन इलाकों में फेंसिंग करने का भी आदेश दिया जहां तोड़फोड़ और आगजनी की घटना हुई है। एआरवाई न्यूज की खबर के मुताबिक, जिन्ना हाउस और जीएचक्यू में घेराबंदी, लूटपाट और तोड़फोड़ जैसी हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज की मदद से की गई है।
संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने उन लोगों के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामले दर्ज किए हैं जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान बंदूक, लाठी, पत्थर और पेट्रोल बम जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया। कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने सभी अपराधियों पर मुकदमा चलाने के प्रयासों को तेज करने के आदेश दिए। उनके अनुसार, गलत काम करने वाले सभी आरोपी आंतक रोधी अदालत में होंगे। उन्होंने कहा कि अभियोजन विभाग को यह आदेश दिया गया है कि सभी परीक्षण जल्द पूरे किए जाएंगे।
मोहसिन नकवी के अनुसार, किसी भी निर्दोष व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया जाएगा और किसी भी आपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। एआरवाई न्यूज के अनुसार, नकवी ने कहा कि कानून सेना की इमारतों और जिन्ना हाउस पर हमला करने वालों को नहीं छोड़ेगा और हर अपराधी को तथ्यों और सबूतों के साथ अदालत में लाया जाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे घोषणा की कि आपराधिक गतिविधि के लिए कोई सहिष्णुता नहीं होगी और आपराधिक समूहों की योजनाओं को रोकने के लिए बल का उपयोग किया जाएगा।
शहबाज शरीफ ने पंजाब सरकार को दिया अल्टीमेटम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को पंजाब सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि वह इस सप्ताह ऐतिहासिक जिन्ना हाउस या कोर कमांडर हाउस में आग लगाने वाले उपद्रवियों को गिरफ्तार करे। पीटीआई पार्टी के अध्यक्ष खान को बुधवार को अर्धसैनिक रेंजर्स ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से उस समय गिरफ्तार किया था जब वह भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई कर रही अदालत में बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजर रहे थे।
खान की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद उपद्रवियों ने पंजाब प्रांत में 14 राज भवनों/प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 80 से अधिक वाहनों को आग लगा दी और क्षतिग्रस्त कर दिया। उपद्रवियों, जो ज्यादातर खान की पीटीआई के सदस्य हैं, ने खान की गिरफ्तारी पर अपना आक्रोश निकालने के लिए लाहौर में जिन्ना हाउस के रूप में जाने जाने वाले कोर कमांडर हाउस को आग लगा दी।
प्रधानमंत्री शरीफ ने एक ट्वीट में कहा, मैंने कानून प्रवर्तन तंत्र को आगजनी, तोड़फोड़, तोड़फोड़ और सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की शर्मनाक घटनाओं में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए 72 घंटे का लक्ष्य दिया है। शरीफ ने खान की गिरफ्तारी से भड़की हिंसा की घटनाओं पर अफसोस जताया और कहा कि जिन्ना हाउस को जलाए जाने से एक राष्ट्र के तौर पर पाकिस्तान दुखी है।