फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिर से कश्मीर राग अलापने की ताक में पाकिस्तान, भारत देगा मुंहतोड़ जवाब

Mon, 21 Jul 2025 07:49 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

पाकिस्तान को अस्थायी तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली है। इस बार पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक करानी है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने पर होने वाली बैठक में पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को उठा सकता है। 
विज्ञापन
UNSC (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी अध्यक्षता कर रहा पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर राग अलापने की ताक में हैं। बताया जा रहा है कि परिषद की जुलाई में होने वाली बैठक को लेकर पाकिस्तान ने कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। वहीं भारत भी कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देगा। इसके लिए अधिकारियों ने तैयारी कर ली है। 
विज्ञापन


पाकिस्तान को अस्थायी तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली है। इस बार पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक करानी है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने पर होने वाली बैठक में पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को उठा सकता है। 

ये भी पढ़ें: अवैध अप्रवासी के कस्टम अधिकारी को गोली मारने पर भड़के ट्रंप, बोले- डेमोक्रेट्स ने देश में अपराधी भर दिए
विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने हाल ही में कहा था कि अब समय है कि कश्मीर विवाद को दूर किया जाए। यह सिर्फ पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है। हम अस्थायी तौर पर यहां हैं। इसलिए परिषद के स्थायी सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्रस्ताव पर काम करने के लिए उचित कदम उठाएं। 

ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र के बीच समझौता कराने की तैयारी
पाकिस्तान ने इस बीच इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और संयुक्त राष्ट्र के बीच एक साझेदारी कराने की तैयारी भी की है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस समझौते की अध्यक्षता करेंगे। 1969 में गठित ओआईसी के सदस्यों में पश्चिम एशिया, अफ्रीका और एशिया के 57 देश शामिल हैं। इस समूह ने जम्मू-कश्मीर के मामले में भारत के रवैये पर बार-बार सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: निष्पक्ष चुनाव के लिए जमात-ए-इस्लामी ने निकाली रैली; राजधानी ढाका में जुटे लाखों लोग, दिखाई ताकत

संयुक्त राष्ट्र में जगह बनाना चाहता है ओआईसी
ओआईसी बीते काफी समय से संयुक्त राष्ट्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दे रहा है। नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया था, इसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, मानवाधिकार, आतंकवाद-निरोध और मानवीय मुद्दों पर ओआईसी के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बीच क्षेत्रीय साझेदारी मजबूत करने पर जोर दे सकता है। वहीं भारत इसका करारा जवाब देने के लिए अन्य देशों के साथ बात कर सकता है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें