इस्लामाबाद में अफगान दूतावास ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान सभी अफगान शरणार्थियों को देश से निकालना चाहता है। भविष्य में उनको निष्कासन का सामना करना पड़ेगा। दूतावास ने कहा कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी तलाशी ली गई है। पुलिस ने उन्हें दोनों शहरों को छोड़कर पाकिस्तान के अन्य भागों में चले जाने के आदेश दिए हैं।
पाकिस्तान ने एक बार फिर से अफगान शरणार्थियों को देश से निकालने की तैयारी की है। इस्लामाबाद में अफगान दूतावास ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान सभी अफगान शरणार्थियों को देश से निकालना चाहता है। भविष्य में उनको निष्कासन का सामना करना पड़ेगा।
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अफगान दूतावास ने पाकिस्तान की योजनाओं की निंदा की है। दूतावास ने कहा कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी तलाशी ली गई है। पुलिस ने उन्हें दोनों शहरों को छोड़कर पाकिस्तान के अन्य भागों में चले जाने के आदेश दिए हैं।
दूतावास के मुताबिक अफगानिस्तानियों को हिरासत में लेने की प्रक्रिया बिना किसी औपचारिक घोषणा के शुरू हुई है। इस्लामाबाद में अफगानिस्तान के दूतावास को किसी औपचारिक पत्राचार के माध्यम से आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं की गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि निकट भविष्य में न केवल इस्लामाबाद और रावलपिंडी से बल्कि पूरे देश से सभी अफगान शरणार्थियों को निर्वासित/हटाने की एक निश्चित और अंतिम योजना है।
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पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे हजारों अफगानियों के अलावा यूएनएचआरसी में शरणार्थी के रूप में लगभग 14.5 लाख अफगान नागरिक पंजीकृत हैं। बता दें कि 1980 के दशक में सोवियत संघ ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद लाखों अफगानों ने पड़ोसी देश पाकिस्तान में शरण ली। 2021 में जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्ज़ा किया तो इनकी संख्या और बढ़ी। गौरतलब है कि पाकिस्तान में अवैध अफगान शरणार्थियों को बाहर निकालने का अभियान पहले भी चलाया जा चुका है। हालांकि सरकार को इसमें पूरी सफलता नहीं मिली।
कैबिनेट ने कम किया था जुर्माना
2023 में पाकिस्तानी कैबिनेट ने यह फैसला लिया था कि अफगान शरणार्थियों से पाकिस्तान में अधिक समय तक रहने के लिए 800 अमेरिकी डॉलर नहीं, 400 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना वसूला जाएगा। जुर्माने का प्रावधान वैसे अफगान नागरिकों के लिए किया गया था जो किसी तीसरे देश में जाना चाहते हैं, लेकिन उनके पास कानूनी दस्तावेज या प्रसंस्करण शुल्क नहीं था।