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आतंक के दलदल में पड़ोसी: पाकिस्तान के गले की हड्डी बना TTP, अफगानिस्तान पर बालाकोट जैसी एयर स्ट्राइक की तैयारी

सार

पाकिस्तान के अफगानिस्तान स्थित जलालाबाद में मिशन दूतावास की एक रिपोर्ट बताती है कि किस तरह टीटीपी के आतंकी लगातार पाकिस्तान पर न सिर्फ हमलावर हो रहे हैं बल्कि उनकी सेवा को निशाना बनाकर मौत के घाट उतार रहे हैं। पाकिस्तान मिशन की ओर से भेजी गई खुफिया रिपोर्ट बताती है कि पूर्वी इलाके में टीटीपी का बड़ा संगठन पाकिस्तान को कमजोर करने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा है।
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Afghanistan Pakistan Flag - फोटो : Shutterstock
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विस्तार
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जिस अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सरकार और सेना ने पूरी शिद्दत के साथ तालिबानियों की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई अब वही उनके लिए गले की हड्डी बनती जा रही है। जानकारी यही निकल कर सामने आ रही है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में टीटीपी के आतंकियों के बहाने बड़े हमले की तैयारी में है। अमर उजाला के पास अफगानिस्तान के जलालाबाद से पाकिस्तान के इस्लामाबाद को भेज गए एक टॉप सीक्रेट दस्तावेजों की कॉपी मौजूद है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है अफगानिस्तान में उनकी ही तालिबानी सरकार के अधिकारी टीटीपी को न सिर्फ उकसा रहे हैं बल्कि पाकिस्तान पर हो रहे हमले में उनकी शह बनी हुई है। इस पत्र में बाकायदा अफगानिस्तान में टीटीपी के आतंकवादी कैंप में यहां की सरकार और लड़ाकों के शह के पूरे सबूत दिए गए हैं। फिलहाल अन्य रिपोर्ट के आधार पर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने भी अफगानिस्तान पर कार्रवाई की तैयारी की है।

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पाकिस्तान के अफगानिस्तान स्थित जलालाबाद में मिशन दूतावास की एक रिपोर्ट बताती है कि किस तरह टीटीपी के आतंकी लगातार पाकिस्तान पर न सिर्फ हमलावर हो रहे हैं बल्कि उनकी सेवा को निशाना बनाकर मौत के घाट उतार रहे हैं। पाकिस्तान मिशन की ओर से भेजी गई खुफिया रिपोर्ट बताती है कि पूर्वी इलाके में टीटीपी का बड़ा संगठन पाकिस्तान को कमजोर करने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट बताती है कि अफगानिस्तान में रह रहे टीटीपी के आतंकी पाकिस्तान के भीतर तीन तीन महीने का प्रशिक्षण कैंप आयोजित करते रहते हैं। हाल में ही खोगयानी के देह बेला और मोमदार इलाके के साथ अचिन जिले समेत जलालाबाद में पांच-पांच व्यक्तियों की टीम काम कर रही है। जो अगले कुछ दिनों में पाकिस्तान के भीतर बड़ी हमले की तैयारी कर चुके हैं। यही टीम पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में मौजूद जनजातियों के बीच और पाकिस्तान की सेना के ऊपर आईडी विस्फोट और बड़े हमले में भी शामिल थी।
 
अफगानिस्तान में पाकिस्तान के मिशन ऑफिस की ओर से भेजी गई खुफिया जानकारी के मुताबिक जिस तरीके से पाकिस्तान के इलाके में लगातार टीटीपी के आतंकी कार्रवाई कर रहे हैं वह अफगानिस्तान के भीतर ही चल रहे उनके कैंप की वजह से हो रहा है। रिपोर्ट बताती है कि टीटीपी की ताकत के पीछे अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार शामिल है। रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है जिस तरह से पाकिस्तान ने शुरुआती दौर में तालिबानियों को प्रश्रय देकर इलाके में अशांति पैदा करने की कोशिश की वहीं अब पाकिस्तानियों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान के ऊपर लगातार हो रहे हैं हमलो के चलते पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने भी अब खुलकर अफगानिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी देना शुरू कर दी है। इससे पहले बिलावल अली भुट्टो ने भी अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार को निशाने पर लेते हुए पाकिस्तान में माहौल खराब करने और लगातार हो रहे हमलो की जिम्मेदारी लेकर उन पर बड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी।
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खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के ऊपर जिस तरह बालाकोट एयर स्ट्राइक और जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को ध्वस्त करने की भारत ने कार्रवाई की थी अब इसी आधार पर अफगानिस्तान के ऊपर पाकिस्तान हमला करने की योजना बना रहा है। हालांकि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और मिलिट्री इंटेलिजेंस को मिले इनपुट बताते हैं कि अगर पाकिस्तान जल्द से जल्द इस तरीके की कार्रवाई नहीं करता है तो अफगानिस्तान कि तालिबानी सरकार के संरक्षण में पाकिस्तान पर लगातार हमलावर हो रहे टीटीपी के उग्रवादी पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से को पाकिस्तान से अलग करने की रणनीति बना रहे हैं। इस्लामाबाद को अफगानिस्तान के जलालाबाद से भेजे गए सीक्रेट दस्तावेज के मुताबिक जालना नूरिस्तान और लघमन में लगतार आठ बड़े केंद्र पाकिस्तान को निशाना बनाकर बड़ी तैयारी कर रहे हैं।
 
अफगानिस्तान के मिशन सेंटर से पाकिस्तान को भेजी गई सीक्रेट रिपोर्ट बताती है कि बॉर्डर इलाके में आठ आतंकी केंद्र पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनने वाले हैं। अगर इन केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से को टीटीपी समर्थक उससे अलग कर सकते हैं। रिपोर्ट में जिन आठ केंद्रों का जिक्र किया गया है उसमें अल बिन तालिब सेंटर, साद बिन अबी वकास सेंटर, डायना सेंटर, जैश अली खुरासन सेंटर, शेख हसीब सेंटर, इब्राहिम बिन मोहम्मद केंद्र, अबू जदाल और शहाब अल महाजर केंद्र शामिल है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने मिशन से तैयार करवाई इस रिपोर्ट में कहा है कि यह वह केंद्र है जिनके माध्यम से अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार पाकिस्तान में अस्थिरता पैदा करना चाह रही है। जानकारी के मुताबिक जिस तरह भारत ने पाकिस्तान में बालाकोट जैसी एयर स्ट्राइक की और जैश ए मोहम्मद के ठिकाने नष्ट किए ठीक उसी तर्ज पर वह अफगानिस्तान में बड़े हमले की योजना बना रहा है।

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