पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार (74) ने मंगलवार को भारत को दोस्ती का संदेश दिया। उन्होंने कहा, उनका देश निरंतर शत्रुता में विश्वास नहीं करता है। डार ने नई दिल्ली में नई सरकार से इस्लामाबाद के साथ अपने संबंधों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।
इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटजिक स्टडीज इस्लामाबाद (आईएसएसआई) में एक सेमिनार में पीएमएल-एन नेता ने कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों के साथ हमेशा मित्रतापूर्ण संबंधों का हिमायती रहा है। इतिहास में हमारे भारत के साथ संबंध अशांत रहे हैं। डार ने कहा, हम आपसी सम्मान, संप्रभुता, लंबे समय से चले आ रहे जम्मू-कश्मीर विवाद के न्यायसंगत और शांतिपूर्ण समाधान के आधार पर भारत के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहते हैं। पाकिस्तान हमेशा बातचीत के माध्यम से सभी लंबित मुद्दों को हल करना चाहता है। वह कभी भारत के एकतरफा दृष्टिकोण, इच्छा या आधिपत्य को लागू करने के प्रयासों पर सहमत नहीं होगा। हम भारत की हिंदूवादी सरकार के बिना सोचे समझे सैन्य दुस्साहस का निर्णायक जवाब देंगे।
डार ने कहा, दक्षिण एशिया मानवता के पांचवें हिस्से से अधिक का घर है। यह क्षेत्र गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, बीमारी, खाद्य असुरक्षा, पानी की कमी, प्राकृतिक आपदाओं, पर्यावरणीय गिरावट और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों सहित कठिन चुनौतियों से घिरा हुआ है। एक-दूसरे से लड़ने के बजाय, दक्षिण एशियाई देशों के लिए इन चुनौतियों का मुकाबला करना समझदारी होगी। हम न केवल आर्थिक रूप से सबसे कम एकीकृत क्षेत्र हैं, बल्कि मानव विकास के लगभग सभी सूचकांकों पर सबसे कम रैंकिंग वाले क्षेत्र में से एक हैं।
डार ने दावा किया कि पाकिस्तान ने हमारे निकटतम और विस्तारित पड़ोस के सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण, सहयोगात्मक और अच्छे-पड़ोसी संबंध रखने के लिए लगातार प्रयास किया है। कहा कि चुनौतियों और यहां तक कि कुछ मामलों में असफलताओं के बावजूद, पाकिस्तान का दृष्टिकोण दृढ़ बना हुआ है।
डार ने कहा कि पाकिस्तान ने यह सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को भी प्राथमिकता दी है कि हमारे कार्य व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तालमेल में रहें। समावेशी शासन और सभी अफगानों के अधिकारों के सम्मान पर जोर देने के अलावा, पाकिस्तान यह सुनिश्चित करने की अनिवार्य आवश्यकता पर जोर देता है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी भी राज्य के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जाए।