पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान देश के स्थापना दिवस से एक दिन पहले शनिवार को देश की ‘सच्ची आजादी’ के लिए मुहिम शुरू करने की घोषणा करेंगे। रविवार को पाकिस्तान अपनी स्थापना और आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएगा। उसकी पूर्व संध्या पर इमरान खान ने लाहौर में एक बड़ी रैली आयोजित करेंगे। इसमें वे ‘सच्ची आजादी’ का रास्ता बताएंगे।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक लाहौर रैली इमरान खान का एक और शक्ति-प्रदर्शन है। अप्रैल में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से इमरान खान मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इस दौरान उन्हें भारी जन समर्थन मिला है। इस बात की पुष्टि पिछले महीने पंजाब प्रांत में प्रांतीय असेंबली की 20 सीटों के लिए हुए उप चुनाव में भी हुई। इमरान खान की पार्टी उनमें से तीन चौथाई सीटें जीतने में कामयाब रही। उसके साथ ही पंजाब प्रांत में उसकी सरकार बन गई। अब इसी प्रांत के सबसे बड़े शहर में स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले इमरान खान ने फिर अपनी ताकत दिखाने का कार्यक्रम बनाया है।
गुरुवार को इमरान खान ने इस्लामाबाद में अल्पसंख्यक समुदायों के एक सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था का अभाव ‘सबसे बड़ी समस्या’ है। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को ‘सच्ची आजादी’ का उत्सव मनाने के लिए लाहौर में होने वाली रैली में वे संदेश देंगे कि अल्पसंख्यक पाकिस्तान में समान दर्जे के नागरिक हैं। खान ने कहा कि कोई समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक वहां सबसे समान इंसाफ की व्यवस्था कारगर ना हो। यहीं उन्होंने एलान किया कि लाहौर रैली में वे अपने भविष्य के कार्यक्रम का एलान करेंगे, जिसमें बताया जाएगा कि ‘सच्ची आजादी’ हासिल करने का रास्ता क्या है।
कुछ दूसरी मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि पीटीआई गहरा इस धारणा से बहुत चिंतित है कि उसके और सेना के बीच तनाव चल रहा है। गुरुवार को पार्टी के नेता फव्वाद चौधरी ने इस धारणा को तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ऐसी धारणा बना रहा है। लेकिन उन्होंने कहा कि इमरान खान और सेना के बीच खाई पैदा करने की कोशिश ‘बेतुकी’ है। उन्होंने कहा- इमरान साफ कर चुके हैं कि उनके मन में किसी उस व्यक्ति के लिए रत्ती भर शिकायत भी नहीं है, जो पाकिस्तान के हित में काम कर रहा हो। जो लोग ऐसा काम करते हैं, वे हमेशा ही सेना को मजबूत करना चाहते हैँ।
इसके पहले पीडीएम सरकार की तरफ से आरोप लगाया गया था कि इमरान और उनकी पार्टी के सदस्य सेना के खिलाफ नफरत की भावना फैला रहे हैं। इसके पहले इसी हफ्ते सेना के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप में पीटीआई के नेता शहबाज गिल को गिरफ्तार किया गया। उन पर देशद्रोह का मुकदमा दायर किया गया है। पीटीआई ने अब गिल के कुछ बयानों से खुद को अलग कर लिया है। चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सीधे तौर पर सेना पर निर्भर है और यही इमरान खान की भी राय है।