पाकिस्तान में प्रधानमंत्री कार्यालय से हुए ऑडियो लीक पर जारी विवाद के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश की खुफिया एजेंसियों पर कड़ा हमला बोला है। हाल तक पाकिस्तान में सेना और खुफिया एजेंसियों को राजनीतिक आलोचना से परे रखा जाता था। आम समझ है कि देश की शासन व्यवस्था में इन एजेंसियों की बड़ी भूमिका रहती है। लेकिन इमरान खान एक टीवी इंटरव्यू के दौरान खुफिया एजेंसियों को इस बात की याद दिलाई कि उनका काम देश की सुरक्षा करना है, न कि ‘राजनीतिक जोड़-तोड़’ में शामिल होना।
इमरान खान ने कहा- ‘हमारी खुफिया एजेंसियों को खुद सोचना चाहिए...आप यह क्या कर रहे हैं...आप लोगों को सोशल मीडिया पर धमकी दे रहे हैं...यह आपका असली काम नहीं है। राजनीतिक जोड़-तोड़ आपका काम नहीं है। आपका काम देश की रक्षा करना है।’ ये बातें उन्होंने ऑडियो लीक विवाद के सिलसिले में कहीं। विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि अति गोपनीय बातचीत के ऑडियो अब सार्वजनिक दायरे में हैं।
इनमें कुछ ऑडियो में इमरान खान अपने एक पूर्व मंत्री और प्रमुख सचिव के साथ अमेरिका से आए कूटनीतिक संदेश के बारे में बातचीत करते सुने गए हैं। इसके पहले ऐसे ऐसे ऑडियो क्लिप लीक हुए, जिनमें प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी सरकार के कुछ मंत्री और अधिकारी आपस में गोपनीय विषयों पर बातचीत करते सुने गए। इन ऑडियो क्लिप्स के लीक होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
इमरान खान ने कहा कि इस लीक में सबसे अहम बात यह है कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों की बात सार्वजनिक हो गई। उन्होंने कहा- ‘इसका मतलब यह है कि ऐसे ऑडियो दुश्मन देशों तक भी पहुंच सकते हैं। इस बारे में सुरक्षा एजेंसियों सवाल पूछा जाएगा। किसी को तो यह पूछना होगा कि सुरक्षा में हुई इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार है?’
इस बीच इमरान खान ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे इस्लामाबाद तक होने वाले ‘हकीकी (असली) आजादी मार्च’ की तैयारी में जुट जाएं। लेकिन खान इस मार्च के पूरे कार्यक्रम को सार्वजनिक करने से बच रहे हैं। टीवी इंटरव्यू में उनसे इस बारे में भी पूछा गया। तब उन्होंने कहा कि समय आने पर वे पूरा कार्यक्रम घोषित करेंगे।
इस मार्च की तैयारी के लिए इमरान खान अपनी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं के साथ सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अब सरकार विरोधी निर्णायक शक्ति प्रदर्शन के लिए कमर कस लेनी चाहिए। पार्टी सूत्रों ने मीडिया को बताया है कि हकीकी आजादी मार्च के बारे इमरान खान 9 अक्तूबर के बाद एलान करेंगे।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक इमरान खान के इस कार्यक्रम से देश में एक बार कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। साथ ही ये आयोजन शहबाज शरीफ सरकार के लिए नई मुश्किलें पैदा कर सकता है। इमरान खान ने सोमवार को निर्देश दिया कि तहसील से जिला स्तरों तक पार्टी कार्यकर्ता मार्च की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने कहा- इस बार आजादी मार्च का आयोजन पूरी तैयारी के साथ होगा।