पाकिस्तान के चुनाव आयोग के कार्यालयों के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, जिससे बचने के लिए वह लाहौर हाईकोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, एक अन्य मामले में अभी इमरान खान के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई होनी है।
पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान खान को लाहौर हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने इमरान खान की ओर से दाखिल की गई सुरक्षात्मक जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने उन्हें सुरक्षात्मक जमानत दे दी है। अदालत ने चुनाव आयोग के बाहर विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले में दो सप्ताह के लिए खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बता दें, पाकिस्तान के चुनाव कार्यालयों के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, जिससे बचने के लिए वह लाहौर हाईकोर्ट पहुंचे थे। जबकि, एक अन्य मामले में इमरान खान के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई होनी है।
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इससे पहले हुई कार्यवाही के दौरान इस्लामाबाद के एक कोर्ट ने इमरान खान की अंतरिम जमानत याचिका को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इमरान खान को प्रतिबंधित विदेशी फंडिंग मामले में सोमवार को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, जबकि एक रिपोर्ट को अंतिम मंजूरी के लिए डीजी एफआईए को भेज दिया गया।
उच्च न्यायालय के बाहर भारी सुरक्षा मौजूद
इमरान खान से सुनवाई को लेकर लाहौर हाईकोर्ट में भारी सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त किया गया है। मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, दूसरी तरफ इमरान खान के समर्थक भी हाईकोर्ट के बाहर मौजूद हैं।
अयोग्य घोषित किए जाने के बाद हुए थे प्रदर्शन
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बीते साल प्रतिबंधित फंडिंग मामले में चुनाव आयोग ने इमरान खान को आयोग्य घोषित कर दिया था। इसके बाद तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले में बीते साल अक्तूबर में पुलिस ने आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत एक मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी मामले में इमरान खान को अंतरिम जमानत दी गई थी। हालांकि, पिछले दिनों सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अंतरिम जामनत को बढ़ाने से इनकार कर दिया था।