अबतक कोरोना वायरस के खतरे को पाकिस्तान के लिए गंभीर न मानने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को आखिरकार अपने देश में भी लॉकडाउन का फरमान जारी करना पड़ गया। बेशक पाकिस्तान ने चीन के वुहान में फंसे अपने छात्रों को वापस बुलाने का फैसला न किया हो और चीन के साथ हमेशा खड़ा नजर आया हो, लेकिन अपने देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले और चौतरफा दबावों के बाद उसे ये कदम उठाना पड़ा।
फिलहाल ये लॉकडाउन पंजाब, खैबर-पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, गिलगिट-बलतिस्तान के अलावा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में लागू किया गया है। इससे पहले कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित सिंध में पूरी तरह लॉकडॉउन लागू किया जा चुका है। पाकिस्तानी सेना के मुख्य प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने पाक टीवी पर घोषणा की कि देश के ज्यादातर हिस्सों में लॉकडॉउन कि स्थिति है और सेना के जवान सख्ती से इसे लागू करवाने में लगे हैं।
इसके लिए पाकिस्तान के गृहमंत्रालय ने सेना से मदद मांगी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के जवान इस मुश्किल वक्त में स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए तैनात हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री इमरान खान एक दिन पहले तक देश में लॉकडॉउन के लिए कतई तैयार नहीं थे।
वह बार बार लाखों गरीब और दिहाड़ी मजदूरों पर इससे होने वाले असर की बात कर रहे थे लेकिन इंटर स्टेट पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) के महानिदेशक ने प्रेस कांफ्रेंस करके साफ कर दिया कि देश को इस विश्वव्यापी महामारी से बचाने और इस वायरस को फैलने से रोकने का एकमात्र उपाय यही है कि लोगों को घरों से बाहर न निकलने दिया जाए।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी इस संकट का सामना करने के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों की तैनाती और जरूरी मेडिकल सहायता मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। फिलहाल वहां ये आदेश 4 अप्रैल तक के लिए दिए गए हैं। तमाम उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
स्कूल, कॉलेज, दुकानें, दफ्तरों के बाजार, मॉल्स, सिनेमाहाल, यातायात सेवाएं सबकुछ बंद रहेंगी। केवल इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। पाकिस्तान में कोरोना के मरीजों ती संख्या तेजी से बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 950 के पार पहुंच चुकी है जिसमें सबसे ज्यादा 407 मरीज सिंध प्रांत में हैं।