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FATF Blacklist में डालने से बचने के लिए पाकिस्तान ने तालिबान पर लगाया प्रतिबंध

Sat, 22 Aug 2020 06:02 PM IST
Rajeev Rai पीटीआई, इस्लामाबाद
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Taliban
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पाकिस्तान ने खुद को वैश्विक स्तर पर वित्तीय कालीसूची में डाले जाने से बचने के लिए एक नया हथकंडा अपनाया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तालिबान पर कई वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं। उसने ऐसे समय में तालिबान पर यह प्रतिबंध लगाए हैं जब अमेरिका के नेतृत्व में पड़ोसी राष्ट्र में आतंकवादी समूह के साथ शांति प्रक्रिया जारी है।

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यह आदेश शुक्रवार की देर रात जारी किया गया। प्रतिबंध में शामिल लोगों में तालिबान के मुख्य शांति वार्ताकार अब्दुल गनी बारादर और हक्कानी परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। इनमें हक्कानी परिवार का सिराजुद्दीन भी शामिल है जो वर्तमान में हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख है और तालिबान का उप प्रमुख है। प्रतिबंधित सूची में तालिबान के अलावा अन्य समूह भी हैं और इसे संयुक्त राष्ट्र की तरफ से अफगान समूहों पर लगाए गए पांच वर्ष के प्रतिबंध और उनकी संपत्ति जब्त किए जाने की तर्ज पर ही लागू किया गया है।

नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को काली सूची में डाले जाने से बचने के तहत ये आदेश जारी किए गए हैं। एफएटीएफ धनशोधन के मामलों पर नजर रखता है और आतंकवादी समूहों की गतिविधियों की निगरानी करता है।
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पेरिस के इस संगठन ने पिछले वर्ष इस्लामाबाद को ग्रे सूची में रखा था। अभी तक केवल ईरान और उत्तर कोरिया ही काली सूची में हैं। काली सूची वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न चीजें हासिल करने की क्षमता पर प्रतिबंध होता है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ग्रे सूची से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है।

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