पाकिस्तान में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता बढ़ रही है। गृह मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक को अवैध वीपीएन ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि PTA के साथ VPN का पंजीकरण 30 नवंबर तक किया जा सकता है। सरकार ने प्रतिबंध से बचने के लिए उपयोगकर्ताओं से अपने वीपीएन को पंजीकृत करने का भी आग्रह किया।
आतंकी कैसे करते हैं इस्तेमाल
वीपीएन ब्लॉक करने के संबंध में पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA) को लिखे पत्र में गृह मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान में हिंसक गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन में वीपीएन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। वित्तीय लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए आतंकी तेजी से इसका प्रयोग कर रहे हैं। आतंकी अपने संचार को अस्पष्ट रखने और छिपाने के लिए वीपीएन का उपयोग करते हैं।
अश्लील और ईशनिंदा वाली सामग्री तक पहुंचने के लिए भी वीपीएन का इस्तेमाल
गृह मंत्रालय के मुताबिक वीपीएन का उपयोग गुप्त रूप से अश्लील और ईशनिंदा वाली सामग्री तक पहुंचने के लिए भी किया जा रहा है। वीपीएन का उपयोग करके पोर्न साइट्स तक भी पहुंचा जाता है। इस मामले में पाकिस्तान को अग्रणी देश भी माना जाता है। गंभीर खतरों को दूर करने के लिए अनधिकृत वीपीएन पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। खतरों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने पीटीए से कहा कि पाकिस्तान भर में अवैध VPN को ब्लॉक करें। ताकि वैध/पंजीकृत VPN उपयोगकर्ता प्रभावित न हों।