पाकिस्तान के सबसे भारी आदमी की सोमवार को लाहौर में मौत हो गई। उनका वजन 330 किलोग्राम था और हाल ही में उनकी एक सफल लिपोसक्शन सर्जरी हुई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्हें एक अस्पताल की आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में हंगामे के चलते अकेला छोड़ दिया गया था।
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक लाहौर से कुछ 400 किलोमीटर दूर सादिकाबाद के निवासी 55 साल के नूरुल हसन की 28 जून को वजन घटाने की सर्जरी की गई थी। सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के विशेष निर्देश पर उन्हें इलाज के लिए पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर से लाहौर ले जाया गया था। सर्जरी के बाद उन्हें निगरानी के लिए आईसीयू में रखा गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को एक महिला मरीज की शालामार अस्पताल में निधन के बाद उनके तीमारदारों ने काफी हंगामा मचाया और इस दौरान हसन और एक दूसरे मरीज की मौत हो गई क्योंकि उन्हें अकेला छोड़ दिया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि डॉ. माजुल हसन ने बताया, 'इस हंगामे में, नूर और एक दूसरे मरीज की मौत कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण हुई।'
उन्होंने कहा कि महिला मरीज के परिजनों ने मौत का कारण नहीं बताया, लेकिन हिंसा के कारण स्थिति बिगड़ गई। माजुल ने कहा कि इस हंगामे के दौरान, नूरुल अस्वस्थ महसूस कर रहे थे और लगभग एक घंटे तक उन्हें बेसुध छोड़ दिया गया था। उन्होंने कहा, 'जब उन्होंने (अस्पताल के कर्मचारियों) ने यह देखा, तो उन्होंने उसे फिर से होश में लाने की कोशिश की, लेकिन ऐसा करने में सफल नहीं हो सके।'