फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकट: पाकिस्तान के पास सिर्फ 21 दिन का गेहूं, 30 लाख मीट्रिक टन आयात की चुनौती

Thu, 29 Apr 2021 06:15 PM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

पहले महंगाई फिर कोरोना और अब गेहूं कि किल्लत ने पाकिस्तान के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। देश के पास केवल तीन सप्ताह का ही गेहूं बचा है। गेहूं की कमी को लेकर इमरान सरकार भी चिंतित है। 
विज्ञापन
प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : twitter.com/PakPMO
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान इस वक्त एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। कोरोना महामारी के साथ-साथ महंगाई और खाद्य संकट की किल्लत हो गई है। देश के पास सिर्फ 21 दिन का गेहूं बचा हुआ है। अचानक गेहूं की कमी को लेकर इमरान सरकार चिंतित है। सरकार विदेशों से गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है।  पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तारिन के मुताबिक देश को 60 लाख मीट्रिक टन गेहूं भंडार की तत्काल आवश्यकता है।  नेशनल प्राइस मॉनिटरिंग कमेटी (NPMC) के मुताबिक, इस साल गेहूं का अनुमानित उत्पादन 2.6 करोड़ मीट्रिक टन  है। अगले साल की कुल खपत की तुलना में 30 लाख टन कम है। 

विज्ञापन


पाकिस्तान में नेशनल प्राइस मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में वित्त मंत्री शौकत तारिन भी शामिल हुए। कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि देश में अप्रैल अंत तक गेहूं का संकट पैदा हो जाएगा। गेहूं का भंडार पिछले सप्ताह 647,687 मीट्रिक टन बचा है। जो इस महीने के आखिरी हफ्ते में कम होकर 3,84,000 मीट्रिक टन रह जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान में 2018 में इमरान खान के सत्ता में आने के बाद से महंगाई चरम पर है। जहां गेहूं आटे की कीमत दोगुनी हो चुकी है। वहीं चीनी, तेल, चिकन, अंडे और सब्जियों की कीमत आसमान छू रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें