पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान गिरफ्तारी के बाद से देश में मची अफरा-तफरी के बीच पाकिस्तान ऋण डिफॉल्ट करने के एक कदम और करीब पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने गुरुवार को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान को तुरंत अतिरिक्त वित्त जुटाने की जरूरत है। आईएमएफ ने यह भी साफ कर दिया कि अगर पाकिस्तान यह धन जुटाने में नाकाम रहा, तो वह उसके लिए मंजूर हो चुकी कर्ज की किस्तें जारी नहीं करेगा।
आईएमएफ की इस चेतावनी के बावजूद पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशहाक डार ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान के अपने अंतरराष्ट्रीय भुगतानों पर डिफॉल्ट (चुकाने में अक्षम होने) करने की नौबत नहीं आएगी। इस्लामाबाद सिक्युरिटी डायलॉग-2023 में पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियां विषय पर दिए भाषण में डार ने कहा- ‘पाकिस्तान ने ऋण पाने के लिए आईएमएफ की सारी शर्तें पूरी कर दी हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि पाकिस्तान अगले दिसंबर तक अपने सारे अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने में सक्षम बना रहेगा।’
पिछले साल आईएमएफ के साथ यह करार हुआ था कि वह पाकिस्तान के लिए मंजूर 6.5 बिलियन डॉलर के ऋण की पहली किस्त के रूप में 1.1 बिलियन डॉलर जारी कर देगा। लेकिन आईएमएफ का दावा है कि इसके लिए उसने जो शर्तें लगाई थीं, पाकिस्तान ने उनका पालन नहीं किया है। इसलिए अभी तक ऋण का कोई हिस्सा जारी नहीं किया गया है। आईएमएफ ने गुरुवार को यह कहा कि पाकिस्तान के डिफॉल्ट करने की आशंका अब अधिक गहरा गई है। मगर इशहाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने मई और जून में अपने अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने के लिए 3.2 बिलियन डॉलर की रकम का इंतजाम कर लिया है। उन्होंने कहा कि ‘वैश्विक संस्थाओं को पाकिस्तान के डिफॉल्ट करने के बारे में बयान नहीं देने चाहिए।’
आईएमएफ के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा था कि अगर आईएमएफ का कर्ज नहीं मिला, तो पाकिस्तान डिफॉल्ट करने पर मजबूर हो जाएगा। मूडीज ने कहा था कि जून के बाद पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय वचनबद्धताएं कैसे निभाएगा, इसे लेकर अनिश्चय बना हुआ है। इस बीच इन्वेस्टमेंट कंपनी कैपिटल इकॉनमिक्स में वरिष्ठ अर्थशास्त्री गैरेथ लेदर ने कहा है- ‘जिस समय सड़कों पर विरोध प्रदर्शन का नजारा है, उसके बीच आईएमएफ कर्ज देने को लेकर अधिक आशंकित होगा।’
इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन के विश्लेषक माइलो गुनासिंघे ने भी कहा है कि राजनीतिक अस्थिरता के बीच पाकिस्तान को कहीं से राहत मिलने की संभावना और घट गई है। उन्होंने कहा- ताजा घटनाओं से दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति बनने की संभावना भी और अधिक घट गई है।
पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान को सिर्फ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और चीन से आर्थिक सहायता मिली है। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक- स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने गुरुवार को बताया कि उसके विदेशी मुद्रा कोष में 74 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है। अब पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में 4.38 बिलियन रह गए हैं, जिनसे पाकिस्तान सिर्फ एक महीने के आयात का भुगतान कर सकता है।